सम्भल में ओवैसी का मास्टरस्ट्रोक! जामा मस्जिद के सदर की नई सियासी पहचान, AIMIM में शामिल होकर दिया बड़ा संदेश
सम्भल की शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली AIMIM में शामिल हो गए हैं। जानिए उन्होंने राजनीतिक पारी और 2027 चुनाव को लेकर क्या बड़ा दावा किया है।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थाम लिया है। मुरादाबाद में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने अपने फैसले को "राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक फैसला" बताया और कहा कि अब उन्हें एक मजबूत मंच और समर्थन मिलेगा।
जफर अली ने कहा कि वह असदुद्दीन ओवैसी की रणनीति और कमजोर, दलित तथा मुस्लिम समाज की आवाज उठाने की शैली से प्रभावित होकर AIMIM में शामिल हुए हैं। उनका दावा है कि अन्य राजनीतिक दल सिर्फ अपने हितों की राजनीति करते हैं, जबकि AIMIM दबे-कुचले वर्गों की आवाज बनकर काम करती है। धार्मिक पद पर रहते हुए राजनीति करने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक, कानूनी और राजनीतिक जिम्मेदारियां एक साथ निभाई जा सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शाही जामा मस्जिद के मंच का इस्तेमाल किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होगा और वहां केवल धार्मिक व मस्जिद से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा होती है। 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी जफर अली ने बड़ा संकेत दिया। उन्होंने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद साथियों ने उनसे चुनाव लड़ने का वादा लिया था और उन्होंने पहले ही 2027 में विधायक पद का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। अब AIMIM में शामिल होने के बाद पार्टी नेतृत्व जैसा निर्णय करेगा, उसी के अनुसार चुनाव लड़ेंगे या पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में काम करेंगे। मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया पर जफर अली ने दावा किया कि सभी ने उनके फैसले का स्वागत किया है और उनका मानना है कि इससे उनकी आवाज और मजबूत होगी। जफर अली की AIMIM में एंट्री को सम्भल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है।
Also Click : Agra News: आक्रमणकारी के नाम पर नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर म्यूजियम बनेगाः मुख्यमंत्री
What's Your Reaction?




