सम्भल में नगर पालिका पर सरकारी नलकूप गायब करने का आरोप, नामित सभासद ने मांगी जांच
सम्भल नगर पालिका में सरकारी नलकूप को अवैध तरीके से तोड़ने और सामग्री गायब करने का आरोप लगा है। नामित सभासद सय्यद शान अली ने जांच के लिए पत्र लिखा।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल नगर पालिका में सरकारी संपत्ति को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। नामित सभासद एवं पूर्व जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सय्यद शान अली ने अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद सम्भल को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर वार्ड नंबर 30/15 स्थित जिलानी स्कूल के सामने बने पुराने सरकारी नलकूप को कथित रूप से अवैध तरीके से ध्वस्त किए जाने और उसकी सामग्री गायब किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, उक्त नलकूप वर्षों पुराना था और वर्ष 2019 तक संचालित होता रहा। सभासद का दावा है कि यह आज भी नगर पालिका के संपत्ति रजिस्टर में दर्ज है। आरोप लगाया गया है कि नलकूप की वजह से जिलानी मदरसे की सुंदरता प्रभावित हो रही थी, इसलिए उसे हटाने की मंशा से नगर पालिका ने कथित सांठगांठ करते हुए नलकूप को "चबूतरा" दर्शाकर 22 नवंबर 2025 को राज्य वित्त आयोग की धनराशि से उसके सौंदर्यीकरण का टेंडर जारी कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि जब पहली बार नलकूप तोड़ा जाने लगा तो स्थानीय लोगों के विरोध के चलते काम रुक गया था, लेकिन हाल ही में ठेकेदार ने दोबारा कार्रवाई करते हुए नलकूप को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
आरोप है कि नलकूप से निकली करीब 40 से 50 हजार ईंटें और अन्य सामग्री भी अपने साथ ले गया, जबकि नियमानुसार यह सामग्री नगर पालिका में जमा होनी चाहिए थी। सभासद ने मदरसा संचालक, नगर पालिका अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब इस शिकायत के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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