सावन सोमवार पर शिवमय हुआ उत्तर प्रदेश, काशी से अयोध्या तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सावन के पावन सोमवार पर काशी, प्रयागराज और अयोध्या के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

Aug 10, 2026 - 21:50
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सावन सोमवार पर शिवमय हुआ उत्तर प्रदेश, काशी से अयोध्या तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सावन सोमवार पर शिवमय हुआ उत्तर प्रदेश, काशी से अयोध्या तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब

वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सावन के पवित्र सोमवार पर आस्था का अनूठा उत्साह देखने को मिला। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गांव-शहर के छोटे-बड़े शिवालयों तक हर ओर हर-हर महादेव और बम-बम भोले की गूंज सुनाई दी। भोर में मंदिरों के कपाट खुलते ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जो देर शाम आरती के समय तक बनी रहीं। कंधे पर गंगाजल की कांवड़ लिए शिवभक्त जयकारे लगाते हुए शिवालयों की ओर बढ़ते रहे, जिससे पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर रुद्राभिषेक और पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

धर्मनगरी काशी में सोमवार के अवसर पर अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिली। काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन के लिए रविवार मध्यरात्रि से ही भक्त जुटने लगे थे। कांवड़ियों ने गंगा में स्नान के बाद पवित्र जल भरकर विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दूध, दही, शहद, बेलपत्र और भांग-धतूरे से जलाभिषेक किया। डमरू और घंटे-घड़ियाल की आवाज से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। सुरक्षा के सख्त इंतजामों के बीच शाम को गंगा घाटों पर भव्य आरती का आयोजन हुआ। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह पेयजल और भंडारे का प्रबंध किया।

प्रयागराज में संगम तट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मनकामेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रसिद्ध शिवालयों में जलाभिषेक किया। भगवा वस्त्रधारी कांवड़ियों के जत्थे सड़कों पर बोल बम का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। मंदिरों के आसपास पूजन सामग्री और फूल-मालाओं की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। शाम के समय शिवालयों में भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया गया और विशेष आरती उतारी गई।

अयोध्या में भी शिव भक्ति और राम भक्ति का सुंदर संगम दिखाई दिया। त्रेतायुगीन नागेश्वरनाथ मंदिर, क्षीरेश्वरनाथ और झारखंडेश्वरनाथ मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर जल अर्पित किया। रामलला के दरबार से लेकर हनुमानगढ़ी तक दर्शन के लिए भारी भीड़ रही।

प्रदेश भर के प्रमुख राजमार्गों पर कांवड़ यात्रा का उत्साह देखते ही बन रहा था। पैदल, साइकिल और वाहनों से अपने गंतव्य की ओर बढ़ते कांवड़ियों का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कांवड़ियों के विश्राम, स्वास्थ्य देखभाल और भोजन के लिए सेवा शिविर लगाए गए, जहां सेवादारों ने दिन-रात सहयोग किया।

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