UP Trade Show 2026: शामली ने पूरा किया शत-प्रतिशत लक्ष्य, विदेशी खरीदारों को खूब भाया कैराना का 'पलंग तोड़ पेड़ा'

ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जनपद शामली ने अपना लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया। 10 प्रमुख कंपनियों के उत्पादों और कैराना के पेड़े की रही भारी मांग।

By INA News Desk
Sep 27, 2026 - 21:33
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UP Trade Show 2026: शामली ने पूरा किया शत-प्रतिशत लक्ष्य, विदेशी खरीदारों को खूब भाया कैराना का 'पलंग तोड़ पेड़ा'

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में जनपद शामली ने औद्योगिक और व्यापारिक दोनों स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल कर लिया है। औद्योगिक विकास, विनिर्माण और पारंपरिक खानपान के संगम वाले इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर शामली की 10 प्रतिष्ठित कंपनियों और सूक्ष्म उद्यमों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। जहां एक ओर शामली के इंजीनियरिंग और हर्बल उत्पादों के प्रति विदेशी आयातकों ने गहरी रुचि दिखाई, वहीं दूसरी ओर 'एक जनपद एक व्यंजन' (ODOC) श्रेणी में कैराना की पारंपरिक मिठाइयों की रिटेल बिक्री ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

व्यापार मेले में शामली के पैवेलियन और स्टॉल्स पर शुरुआती दिनों से ही घरेलू व विदेशी आगंतुकों का तांता लगा रहा। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, जनपद को ट्रेड शो में स्थानीय विनिर्माण, कृषि प्रसंस्करण और पारंपरिक मिष्ठान कला को प्रदर्शित करने का जो दायित्व सौंपा गया था, उसे स्थानीय उद्यमियों ने पूरी कर्मठता से पूरा किया है।

10 प्रमुख कंपनियों ने वैश्विक पटल पर किया शामली का प्रतिनिधित्व

ट्रेड शो में शामली की ओर से सम्मिलित होने वाले 10 प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑटोमोबाइल और कृषि मशीनरी घटकों के निर्माण में पिछले एक दशक से अधिक समय से सक्रिय 'करियर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड' मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। यह कंपनी 10 से अधिक वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले पहियों और रिम्स का नियमित निर्यात कर रही है। विदेशी खरीदारों ने कंपनी के नवीनतम तकनीकी उत्पादों और असेंबलियों की तकनीकी बारीकियों को समझा और व्यावसायिक अनुबंधों पर चर्चा की।

इसके अतिरिक्त शामली के अन्य प्रमुख उद्यमों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थिति दर्ज कराई:

  • अमर स्प्लिंट्स प्राइवेट लिमिटेड: काष्ठ और माचिस उद्योग से जुड़े उत्पादों का आधुनिक प्रदर्शन।

  • बेजरिका प्राइवेट लिमिटेड एवं कैरा डाइम हेल्थ केयर एलएलपी: फार्मा, सर्जिकल और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों का प्रदर्शन।

  • आरव एग्रो फूड्स: कृषि आधारित प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री।

  • श्री आयुर्वेदिक संस्थान: पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर आधारित प्राकृतिक औषधीय उत्पाद।

  • अंकित हैंडलूम: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र उत्पाद।

इन सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों में हिस्सा लिया, जहां विदेशी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों ने बड़े निर्यात सौदों के लिए सहमति व्यक्त की।

हॉल नंबर 17 में कैराना की मिठाइयों का जलवा, विदेशी मेहमान बने मुरीद

औद्योगिक उपकरणों के साथ-साथ ट्रेड शो के खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र में कैराना के स्वाद का जादू सिर चढ़कर बोला। हॉल नंबर 17 में स्थित 'साधु स्वीट्स' और 'अग्रवाल स्वीट्स' के रिटेल बिक्री काउंटरों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। विशेष रूप से कैराना का प्रसिद्ध 'पलंग तोड़ पेड़ा' और 'पलंग तोड़ बर्फी' मेले में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और प्रतिनिधियों की पहली पसंद बन गए।

साधु स्वीट्स के संचालक राकेश गर्ग ने बताया कि ट्रेड शो के पहले दिन से ही उनकी स्टॉल पर ग्राहकों की कतार लगी रही। उन्होंने बताया कि हॉल नंबर 17 में वियतनाम, रूस, बेलारूस और ऑस्ट्रिया जैसे देशों से आए विदेशी व्यापारिक प्रतिनिधि और राजनयिक ठहरे हुए थे। इन विदेशी मेहमानों ने जब कैराना के पारंपरिक खोया और दूध से तैयार इन देशी व्यंजनों का स्वाद चखा, तो वे इसकी शुद्धता और अनूठे स्वाद के मुरीद हो गए। कई विदेशी खरीदारों ने अपने देश वापसी के लिए बड़ी मात्रा में मिठाई के विशेष रूप से पैक किए गए डिब्बे खरीदे।

ग्रामीण और कस्बाई अर्थव्यवस्था को मिला सीधा अंतरराष्ट्रीय बाजार

व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि शामली जैसे कृषि-प्रधान और उभरते औद्योगिक जनपद के लिए इस प्रकार के वैश्विक मंच बेहद लाभकारी सिद्ध होते हैं। अब तक जो छोटे कारोबारी और पारंपरिक कारीगर केवल स्थानीय या राज्य स्तर के बाजारों तक सीमित थे, उन्हें सीधे विदेशी खरीदारों से संवाद करने और अपनी ब्रांड वैल्यू स्थापित करने का अवसर मिला है।

राकेश गर्ग जैसे स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल से पारंपरिक भारतीय खाद्य शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। इससे न केवल स्थानीय कारोबारियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि यह शामली जनपद के अन्य उद्यमियों को भी भविष्य में अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रेरित करेगा।

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