UP Transport at UPITS: यूपी में 28 से 30 सितंबर तक 'ऑपरेशन कवच', डग्गामार व अवैध बसों पर कसेगा कड़ा शिकंजा
उत्तर प्रदेश में अवैध और अनधिकृत बसों के खिलाफ 28 से 30 सितंबर तक 'ऑपरेशन कवच' चलेगा। यूपीआईटीएस में परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने यह घोषणा की।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) के चौथे संस्करण में जहां एक ओर वैश्विक कारोबार और विनिर्माण का संगम देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने तकनीक आधारित पारदर्शी नागरिक सेवाओं और सुदृढ़ सड़क सुरक्षा के अपने मॉडल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित तकनीकी कार्यशाला के दौरान परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य भर में सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और अवैध रूप से संचालित यात्री बसों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए 28 से 30 सितंबर तक विशेष प्रदेशव्यापी अभियान 'ऑपरेशन कवच' संचालित किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि बिना वैध परमिट, फिटनेस या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर डग्गामार और अनधिकृत रूप से सड़कों पर दौड़ने वाली बसें सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती हैं। तीन दिवसीय 'ऑपरेशन कवच' अभियान के दौरान संभागीय परिवहन अधिकारियों (RTO) और प्रवर्तन दस्तों की संयुक्त टीमें राजमार्गों और बस स्टैंडों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के विरुद्ध भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहनों को सीज करने की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एनसीआर की वायु गुणवत्ता और ईओएल (EOL) वाहनों की स्क्रैपिंग पर जोर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आगामी शीत ऋतु के दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की आशंका को देखते हुए परिवहन विभाग ने प्रदूषण नियंत्रण के कड़े उपायों पर ध्यान केंद्रित किया है। अमृत अभिजात ने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे अपने 'एंड ऑफ लाइफ' (EOL) यानी निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को अनिवार्य रूप से अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों (RVSF) तक पहुंचाएं।
उन्होंने रेखांकित किया कि जर्जर और पुरानी तकनीक वाले वाहन अत्यधिक जहरीला धुआं उगलते हैं, जिससे आम जनता के श्वसन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए स्क्रैपिंग प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया है, जिससे वाहन स्वामियों को नए वाहन की खरीद पर वित्तीय और कर छूट का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सके।
परिवर्तन पोर्टल: बीएस-1 से बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के लिए अवसर
पुराने वाहनों को बदलने और स्वच्छ ईंधन वाले आधुनिक वाहनों को अपनाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा संचालित 'परिवर्तन योजना' के लाभों की भी कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी गई। अपर मुख्य सचिव ने यूरो मानक बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के पुराने वाहनों के स्वामियों से आग्रह किया कि वे विभाग के 'परिवर्तन पोर्टल' पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
इस योजना के तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाकर स्वच्छ ऊर्जा (सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-6) आधारित वाहनों में बदलने के लिए सरकार द्वारा आकर्षक रियायतें और सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे जहां एक ओर वाहन चालकों का परिचालन खर्च घटेगा, वहीं दूसरी ओर शहरों की हवा को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा: गति सीमा, हेलमेट और सीटबेल्ट अनिवार्य
कार्यशाला में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए विभागीय अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि अधिकांश जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं मानवीय त्रुटियों और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। विभाग ने जनसामान्य से अपील की कि वे नियंत्रित गति सीमा में ही वाहन चलाएं।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए मानक अनुरूप हेलमेट पहनना और चारपहिया वाहन में यात्रा करते समय सीटबेल्ट लगाना कानूनी अनिवार्यता के साथ-साथ जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है। शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk and Drive) और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने जैसी जानलेवा आदतों पर शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाने की चेतावनी दी गई है।
52 सेवाएं फेसलेस और 40 ऑटो अप्रूवल मोड पर संचालित
परिवहन विभाग ने यूपीआईटीएस में अपनी डिजिटल क्रांति का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आरटीओ कार्यालयों में दलालों की भूमिका समाप्त करने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 52 प्रमुख सेवाओं को पूरी तरह 'फेसलेस' कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 40 सेवाओं को 'ऑटो अप्रूवल' मोड पर संचालित किया जा रहा है, जिससे आवेदन करते ही सॉफ्टवेयर द्वारा पात्रता जांचकर तुरंत ऑनलाइन स्वीकृति प्रदान कर दी जाती है।
ट्रेड शो में विभाग के पवेलियन में स्थापित आधुनिक ड्राइविंग टेस्ट सिमुलेटर युवाओं और आगंतुकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके माध्यम से युवा चालकों को वैज्ञानिक ड्राइविंग तकनीक, सड़क संकेतों की समझ और आपातकालीन ब्रेकिंग का व्यावहारिक अनुभव कराया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित और जिम्मेदार चालक के रूप में सड़कों पर उतरें।
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