UPITS : कौशल विकास पवेलियन में युवाओं के हुनर का प्रदर्शन, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लॉन्च किया 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन पोर्टल'
ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के कौशल विकास पवेलियन में 16 कौशलों का लाइव प्रदर्शन हुआ। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज पोर्टल' लॉन्च किया।
ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में राज्य के युवाओं के हुनर, उद्यमशीलता और तकनीकी कौशल की प्रभावी झलक देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से स्थापित भव्य पवेलियन में पारंपरिक दस्तकारी से लेकर आधुनिक औद्योगिक तकनीकों तक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने नवाचार को संस्थागत गति देने के उद्देश्य से ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया।
इस डिजिटल पोर्टल के जरिए प्रदेश भर के छात्रों, शोधार्थियों, नवोन्मेषकों और उभरते स्टार्टअप्स को स्थानीय व प्रशासनिक चुनौतियों के तकनीकी और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का सीधा मंच मिलेगा। पोर्टल पर प्रस्तुत सर्वश्रेष्ठ विचारों को सरकार की ओर से मेंटरशिप, तकनीकी सहयोग और उद्योग जगत से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
360 वर्गमीटर में विस्तारित पवेलियन: 'स्किल मंच' बना संवाद का केंद्र
ट्रेड शो में कौशल विकास पवेलियन के विस्तार और आकर्षण में इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां यह पवेलियन 200 वर्गमीटर क्षेत्र में सीमित था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 360 वर्गमीटर कर दिया गया है। पवेलियन के केंद्र में पहली बार एक विशेष 'स्किल मंच' स्थापित किया गया है।
इस मंच पर दिनभर तकनीकी शिक्षाविद्, औद्योगिक क्षेत्रों के मानव संसाधन (एचआर) प्रतिनिधि, सॉफ्ट स्किल ट्रेनर्स और सफल युवा उद्यमी सीधे विद्यार्थियों और आगंतुकों से मुखातिब हो रहे हैं। संवाद सत्रों के माध्यम से युवाओं को यह समझाया जा रहा है कि आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार खुद को किस प्रकार अपस्किल किया जाए। आगंतुकों के लिए इंटरैक्टिव वर्कशॉप्स की व्यवस्था की गई है, जहां वे स्वयं उपकरणों और तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव ले रहे हैं।
एक ही छत के नीचे 16 लाइव कौशल और जनपदों की दस्तकारी
पवेलियन की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न जिलों के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन है। 16 अलग-अलग कौशलों का लाइव डेमो देकर कारीगर और प्रशिक्षित युवा आगंतुकों को कार्यप्रणाली से परिचित करा रहे हैं।
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वाराणसी का काष्ठ शिल्प: वाराणसी की सह सहयोग सेवा समिति की ओर से लकड़ी के सुंदर कलात्मक उत्पाद और नक्काशीदार मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। काष्ठ शिल्पी निर्मल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने से स्थानीय उत्पादों की पहुंच बिचौलियों के बिना सीधे बड़े बाजार तक संभव हो पा रही है।
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आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी व गोरखपुर का टेराकोटा: आजमगढ़ के ई हरेक्स समूह द्वारा तैयार प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी और गोरखपुर के नॉर्दर्न एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट संस्थान के टेराकोटा उत्पाद घरेलू व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
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बुलंदशहर की सिरेमिक पॉटरी: बुलंदशहर स्थित स्टडी मैट्रिक्स स्किल डेवलपमेंट मिशन ने अपनी आधुनिक सिरेमिक डिजाइनों से मिट्टी के बर्तनों की औद्योगिक क्षमता को सामने रखा।
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फर्रुखाबाद की जरदोजी व चिकनकारी: कल्कि इंडिया समूह के माध्यम से जरदोजी और कढ़ाई का हुनर पेश किया गया। वस्त्र निर्माता जरीना ने बताया कि सरकारी सहयोग से कारीगरों को बड़े बाजार से जोड़ने से नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कार्य को स्थायी रोजगार के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।
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आगरा का लेदर और फिरोजाबाद का ग्लास वर्क: आगरा की एसआरएस रूरल एंड स्किल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा लेदर बेल्ट, वॉलेट और बैग्स प्रदर्शित किए गए हैं, जबकि फिरोजाबाद से ओम विजय चैरिटेबल ट्रस्ट ने कांच के उत्कृष्ट हैंडीक्राफ्ट उत्पाद सजाए हैं।
"नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बने युवा": कपिल देव अग्रवाल
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को केवल प्रमाण पत्र देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वावलंबी उद्यमी बनाना है।
उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' और कौशल विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं के समन्वय से युवाओं में स्वरोजगार के प्रति आत्मविश्वास जगा है। आज का प्रशिक्षित युवा नौकरी खोजने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह छोटे उद्यम स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। ट्रेड शो में मिला यह अंतरराष्ट्रीय मंच स्थानीय कारीगरों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का सेतु बनेगा।
उद्योग-अकादमिक तालमेल और सफलता की कहानियां
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि पवेलियन को तीन प्रमुख स्तंभों—प्रशिक्षण, नवाचार और रोजगार—पर केंद्रित किया गया है। पवेलियन में ऐसे युवाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने सफल उद्यम शुरू किए हैं। ये युवा उद्यमियों के रूप में अपनी यात्रा साझा कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रमुख विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की कंपनियों के साथ तकनीकी शिक्षण संस्थानों का सीधा संवाद कराया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम को सीधे उद्योग की तात्कालिक जरूरतों के अनुरूप ढाला जा सके।
समारोह के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश राणा भी मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने पवेलियन के विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और पारंपरिक कारीगरों व युवा नवोन्मेषकों के प्रयासों की सराहना की।
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