UPITS 2026: भारत-रूस संवाद में औद्योगिक तकनीक और गैस पर मंथन, वियतनाम ने व्यापार के साथ संस्कृति का सजाया मंच
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग हुआ। औद्योगिक गैस, मेडिकल सिस्टम और सेवाओं पर चर्चा हुई, जबकि वियतनाम ने व्यापार, तकनीक और पर्यटन का प्रदर्शन किया।
ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के उद्घाटन दिवस पर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन के पहले ही दिन वैश्विक सहभागिता का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। एक ओर जहां भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को रणनीतिक विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष बिजनेस डायलॉग का आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर पार्टनर देश वियतनाम ने अपने विशाल पवेलियन के जरिए उद्योग, तकनीकी नवाचार, विमानन, पर्यटन और पारंपरिक खानपान का एक साझा मंच तैयार किया।

इन दोनों देशों की सक्रिय और व्यापक भागीदारी ने यूपीआईटीएस को केवल क्षेत्रीय उत्पादों के प्रदर्शन तक सीमित न रखकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, औद्योगिक निवेश और बहुपक्षीय कारोबारी संवाद के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
रूस-भारत बिजनेस डायलॉग: तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी पर फोकस
ट्रेड शो के पहले दिन ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर उच्चस्तरीय संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक तंत्र को सुगम बनाना, निवेश के नए रास्ते खोजना तथा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नोड्स में रूसी उद्यमों की सहभागिता को बढ़ावा देना था।
इस संवाद में भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव तथा डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा सहित वरिष्ठ राजनयिकों व व्यापारिक विशेषज्ञों ने भागीदारी की। रूसी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ बुनियादी ढांचा नीतियों, औद्योगिक गलियारों और उभरते विनिर्माण तंत्र की सराहना करते हुए कहा कि राज्य का कारोबारी माहौल विदेशी निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल है।
संवाद के दौरान दोनों पक्षों के उद्योगों के बीच बिचौलियों के बिना सीधे संपर्क स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को रेखांकित किया गया:
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औद्योगिक तकनीक एवं गैस क्षेत्र: भारी उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के लिए आवश्यक औद्योगिक गैसों और तकनीकी समाधानों की आपूर्ति।
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स्वास्थ्य एवं निदान प्रणालियां: प्रयोगशाला परीक्षण समाधान, आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण तथा अस्पतालों के लिए उच्च क्षमता वाले मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन व वितरण तंत्र।
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व्यावसायिक सेवाएं: अंतरराष्ट्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय समन्वय और इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी से जुड़ी साझा सेवाएं।
रूसी कंपनियों के तकनीकी प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश के फार्मास्यूटिकल, केमिकल, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के उद्यमियों को आधुनिक वैश्विक तकनीकों से सीधे जुड़ने और भविष्य में संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) स्थापित करने का ठोस आधार प्रदान किया।
वियतनाम: तकनीक, उद्योग, नागरिक उड्डयन और पर्यटन का समग्र संगम
ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल वियतनाम की उपस्थिति पहले दिन से ही आगंतुकों और कारोबारियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शनी से आगे ले जाते हुए उसे समग्र आर्थिक और सांस्कृतिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया।
पवेलियन में वियतनाम के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की ताकत को प्रदर्शित किया गया, जिसमें शामिल रहे:
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नागरिक उड्डयन एवं कनेक्टिविटी: दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए विमानन क्षेत्र की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
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हरित तकनीक व आधुनिक उद्योग: इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), पुनर्चक्रित फाइबर (रीसाइकिल्ड फाइबर), आधुनिक वस्त्र और परिधान उद्योग।
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पारंपरिक उत्पाद: गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और पारंपरिक हस्तशिल्प।
‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ सत्र: द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा
वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ शीर्षक से एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस सत्र में भारत में वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह तथा वियतनाम की प्रमुख वैश्विक कंपनियों जैसे वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जिन्हें अब आधुनिक तकनीक, विनिर्माण और पर्यटन के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। सत्र में भारत के पर्यटकों के लिए वियतनाम के उभरते गंतव्यों, दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों के विस्तार तथा स्वास्थ्य व कृषि क्षेत्र में साझा तकनीकी अनुसंधान पर विस्तृत चर्चा हुई।
फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जोड़े जन-जन के तार
व्यापारिक बैठकों के साथ-साथ वियतनामी पवेलियन में आयोजित फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहे। वियतनाम के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू और स्वाद ने भारतीय आगंतुकों को उनकी खाद्य संस्कृति से परिचित कराया। इसके साथ ही, वियतनामी सांस्कृतिक दल की पारंपरिक नृत्यों और संगीत की प्रस्तुतियों ने व्यापार मेले के औपचारिक वातावरण में उत्सव का रंग घोल दिया। इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने न केवल 'पीपुल-टू-पीपुल' संपर्क को बढ़ाया, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में नई रुचि भी पैदा की।
वैश्विक व्यापार का केंद्र बनता यूपीआईटीएस
ट्रेड शो के पहले दिन आयोजित बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें, राउंडटेबल विमर्श और देश-विशेष संवाद सत्र इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। इन संवादों से राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), निर्यातकों, युवा स्टार्टअप्स और बड़े उद्योग घरानों को वैश्विक साझेदार खोजने का सीधा मंच उपलब्ध हो रहा है। रूस के साथ तकनीकी और रक्षा-औद्योगिक समन्वय तथा वियतनाम के साथ नागरिक उड्डयन, पर्यटन और विनिर्माण सहयोग आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक सिद्ध होंगे।
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