Lucknow: गन्ने की फसल पर अंकुर-चोटी बेधक का खतरा, विभाग ने जारी किया अलर्ट। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के निर्देश है कि किसानों का हित सर्वोपरि रखा जाय। इसी के तहत उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग

Apr 25, 2026 - 23:09
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Lucknow: गन्ने की फसल पर अंकुर-चोटी बेधक का खतरा, विभाग ने जारी किया अलर्ट। 
गन्ने की फसल पर अंकुर-चोटी बेधक का खतरा, विभाग ने जारी किया अलर्ट। 

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के निर्देश है कि किसानों का हित सर्वोपरि रखा जाय। इसी के तहत उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने गन्ना किसानों की फसल बचाने के लिए एक अहम अलर्ट जारी किया है। इस समय गन्नों की फसल पर अंकुर बेधक (अर्ली शूटर बोरर) और चोटी बेधक कीट (टाप बोरर) का खतरा मंडरा रहा है। कीटों से फसल बचाने के लिए गन्ना विभाग के शोध वैज्ञानिकों ने अलर्ट के साथ बचाव की भी जानकारी साझा की है।

उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना के मुताबिक गन्ना किसानों को अप्रैल से जून तक इन कीटों से फसल को बचाना होगा। इससे फसलों को बचाकर अच्छी पैदावार संभव हो पाएगी। इसके लिए शोध वैज्ञानिकों ने जरूरी दवाओं के छ़िड़काव समेत अन्य अहम जानकारी दी है।

विभाग के मुताबिक प्रदेश की कुछ चीनी मिलों के क्षेत्र में गन्ने की फसल में अंकुर बेधक और चोटी बेधक कीट के प्रथम पीढ़ी का प्रकोप देखा जा रहा है। यह सूंड़ी पौधों के गोंफ को खाती हुई नीचे की ओर जाती है, जिसके कारण बीच की गोंफ सूख जाती है और खींचने पर आसानी से निकल जाती है। इसके नियन्त्रण के लिए प्रभावित पौधों को सूंड़ी और प्यूपा सहित जमीन की सतह से काटकर नष्ट करना चाहिए।

किसान इस तरीके से फसल बचाएं

1. अंकुर बेधक एवं चोटी बेधक कीट से प्रभावित पत्तियों या कल्लों पर अंडे के समूह व सूंड़ी को तोड़कर नष्ट कर दें।
2. जैविक नियंत्रण के लिए ट्राइकोकार्ड 15 दिन के अंतराल पर उपयोग करें।
3. पत्ती की सतह पर स्थित अंडे के समूहों व सूंड़ी के रासायनिक नियंत्रण के लिए फिप्रोनिल 40 प्रतिशत के साथ इमिडाक्लोप्रिड 40 प्रतिशत डब्ल्यू.जी. मिक्सर 500 ग्राम या क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 8 प्रतिशत के साथ थायोमेथॉक्सम 17.5 प्रतिशत मिक्सर 600 ग्राम को 1000 लीटर पानी में मिलाकर ड्रेंचिंग करें।
4. वयस्क कीट पकड़ने के लिए 25-30 मीटर की दूरी पर फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाएं।
5. गन्ने के भीतर की सूंड़ी नियंत्रण के लिए क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एस.सी. 150 मिली को 400 लीटर पानी में घोलकर जड़ों के पास ड्रेंचिंग करें।

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