Hardoi: माटीकला के परम्परागत, प्रशिक्षित कारीगरों के बहुरेगें दिन - सुष्मिता सिंह

जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी  सुष्मिता सिंह ने बताया उ०प्र० सरकार द्वारा माटीकला एवं माटी शिल्पकला को बढ़ावा देने

Apr 30, 2026 - 16:38
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Hardoi: माटीकला के परम्परागत, प्रशिक्षित कारीगरों के बहुरेगें दिन - सुष्मिता सिंह
माटीकला के परम्परागत, प्रशिक्षित कारीगरों के बहुरेगें दिन - सुष्मिता सिंह

Hardoi: जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी  सुष्मिता सिंह ने बताया उ०प्र० सरकार द्वारा माटीकला एवं माटी शिल्पकला को बढ़ावा देने हेतु उ०प्र० माटीकला बोर्ड का गठन किया जा चुका है। उक्त के अतिरिक्त पर्यावरण को सत्त हो रहे नुकसान के दृष्टिगत प्लास्टिक से निर्मित कप, प्लेट, गिलास, थाली आदि के उपयोग को प्रदेश में प्रतिबन्धित कर दिया गया है। उ०प्र० सरकार की मंशा के अनुसार मिट्टी के बर्तनों एवं खिलौनों, मूर्तियों आदि को बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले ऐसे कुम्हारों एवं परम्परागत करीगरों जिनकी आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बींच हो, को 40 निःशुल्क विद्युत चालित चाक (इलेक्ट्रिक पाटर व्हील) मशीन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अतः उक्त कार्य से जुड़े कारीगर विभागीय वेबसाइड नचउंजपांसंइवंतक.पद पर जाकर टूल किट्स आवंटन हेतु ऑनलाइन पंजीकरण कर आवेदन दिनांक-30.05.2026 तक कर सकते है और हार्ड कॉपी कार्यालय जमा करना अनिवार्य है।

अधि एक जानकारी हेतु जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, सिनेमा चौराहा, हरदोई से किसी भी कार्यालय दिवस में प्राप्त की जा सकती है। आवेदन फार्म के साथ आधार कार्ड, शैक्षिक योग्यता, फोटो, जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र एवं राशनकार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। एक परिवार से एक ही व्यक्ति को फार्म जमा करना है। पूर्व में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड/खादी ग्रामोद्योग आयोग एवं जिला उद्योग केन्द्र तथा अन्य शासकीय विभागों के माध्यम से जिस परिवार में यदि कुम्हारी चाक का लाभमिल चुका है, उस परिवार का कोई भी लाभार्थी योजना के अन्तर्गत पात्र नहीं होगा।

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