यूपी: मुख्य सचिव से मिले आईएफएस प्रशिक्षु अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण में तकनीक और जनभागीदारी पर जोर
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल से 2024 बैच के आईएफएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्य सचिव ने पारदर्शी शासन और तकनीक के प्रयोग की दी सीख।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल से भारतीय वन सेवा के वर्ष 2024 बैच के पांच प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। राजधानी लखनऊ में आयोजित इस मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने सभी युवा अधिकारियों को उनकी सेवा यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं और निष्ठा, ईमानदारी तथा पूरी संवेदनशीलता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र की मुख्य प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि विभागीय योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का पूरा लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने पर्यावरण संतुलन और वन संवर्धन कार्यों में आधुनिक तकनीक के ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाने, वन क्षेत्रों की हिफाजत करने और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण में आम जनता की सहभागिता सबसे अहम कड़ी है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर तबके को सक्रिय रूप से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने संतुलित विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बुनियादी विकास परियोजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी मांग है। वन विभाग के अधिकारियों को दूरगामी सोच के साथ काम करना होगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विकास कार्यों को गति दी जा सके।
मुख्य सचिव ने सुशासन के मूल सिद्धांतों की चर्चा करते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली, जवाबदेही और आम नागरिक को बिना किसी रुकावट के सरकारी सेवाएं मिलना ही बेहतर प्रशासन की असली पहचान है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ाने और टीम भावना के साथ काम करने की सीख दी। इस अवसर पर वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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