UP Rural Development: विकसित भारत-जी राम जी योजना में मानव दिवस बढ़ाने का निर्देश, 6.18 लाख पीएम आवास समय पर पूरे कराने पर जोर

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा की। 6.18 लाख पीएम आवासों को समय पर पूरा कराने और मानव दिवस सृजन बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए।

By INA News Desk
Sep 10, 2026 - 22:36
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UP Rural Development: विकसित भारत-जी राम जी योजना में मानव दिवस बढ़ाने का निर्देश, 6.18 लाख पीएम आवास समय पर पूरे कराने पर जोर
  • Keshav Prasad Maurya Review: ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री सख्त, महिला श्रमिकों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के आदेश
  • PM Awas Yojana Gramin UP: यूपी को मिले 6.18 लाख नए आवासों का समयबद्ध निर्माण होगा, ग्राम चौपालों से चिन्हित होंगे पात्र लाभार्थी
  • Lucknow News: डिप्टी सीएम केशव मौर्य का निर्देश, विकासखंड स्तर पर बीडीओ करें योजनाओं की नियमित समीक्षा, बेहतर काम पर मिलेगा सम्मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारने के लिए शासन ने प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों और प्राथमिकताओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत सभी जनपदों में विशेष अभियान चलाकर मानव दिवस सृजन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने श्रमिकों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से करने के आदेश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान रेखांकित किया कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत कुल 318 प्रकार के कार्यों को चिन्हित किया गया है। इनमें प्रत्यक्ष रूप से आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण स्तर पर उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, तभी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को गांव के स्तर तक यथार्थ रूप दिया जा सकेगा। सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देशित किया गया है कि वे इन कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा करें।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: 6.18 लाख आवासों का लक्ष्य

बैठक में ग्रामीण आवास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 6.18 लाख आवासों का नया लक्ष्य आवंटित किया गया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन आवासों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति तत्काल पूरी करते हुए निर्माण कार्यों को तय समय-सारणी के अनुसार पूरा कराया जाए।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। श्री मौर्य ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों—जैसे निराश्रित पात्र महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों, जो अब तक पक्के मकान की सुविधा से वंचित हैं—उन्हें विशेष अभियान चलाकर चिन्हित किया जाए। इसके लिए ग्राम चौपालों को प्रमुख मंच बनाया जाए, जहां ग्रामीण नागरिकों के समक्ष पात्रता नियमों को पारदर्शी तरीके से रखा जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास के अधिकार से वंचित न रहे।

लाभार्थी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का अनिवार्य नियम

ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए शासन ने योजनाओं के समन्वय का नया खाका तैयार किया है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विकसित भारत-जी राम जी योजना में पंजीकृत महिला श्रमिकों के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की महिला लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि पक्का मकान और मजदूरी मिलने के बाद यदि इन महिलाओं को स्थायी आजीविका और सूक्ष्म उद्यमों से जोड़ा जाएगा, तो वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इसके साथ ही जिन स्वयं सहायता समूहों को अब तक कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) या बैंकों से वित्तीय ऋण की सुविधा प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें शत-प्रतिशत क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विकासखंड अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश में नए समूहों के गठन की प्रक्रिया तेज करने के साथ-साथ समूह सखियों के मानदेय में वृद्धि के लिए अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। मिशन के तहत काम करने वाले कैडर का मासिक मानदेय भी बिना किसी रुकावट के समय पर जारी करने का आदेश दिया गया है।

टीएचआर प्लांट्स और अमृत सरोवरों का प्रबंधन

ग्रामीण पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित टेक-होम राशन (टीएचआर) प्लांट्स की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन संयंत्रों में सौर ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी सरकारी सब्सिडियों का अधिकतम लाभ उठाया जाए, जिससे प्लांट्स की संचालन लागत घटे और वे ऊर्जा-दक्ष बन सकें।

वहीं, प्रदेश के गांवों में जल संरक्षण के प्रतीक बने अमृत सरोवरों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्मित सरोवरों में साफ पानी का संचयन, चारों ओर स्वच्छता और वृक्षारोपण की उचित व्यवस्था रहनी चाहिए ताकि वे केवल जल संरचना न रहकर गांव के उपयोगी और सुंदर सार्वजनिक केंद्र के रूप में कार्य करें।

ग्राम चौपालों का बनेगा त्रैमासिक रोस्टर

ग्रामीणों की शिकायतों के निस्तारण के लिए चल रही ग्राम चौपाल व्यवस्था को अधिक संगठित रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर पर ग्राम चौपालों का एक त्रैमासिक रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे संबंधित क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ साझा किया जाएगा। इससे चौपालों में जनभागीदारी बढ़ेगी और मौके पर ही नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।

श्री मौर्य ने उन जनपदों को तत्काल चेतावनी जारी की जहां डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठकें लंबित हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां बैठकें नहीं हुई हैं, वहां तत्काल आयोजन कर कार्यवृत्त शासन को भेजा जाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और जनपदों को पुरस्कृत करने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से ही ग्रामीण विकास की गति को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।

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