UP Seva Sankalp Abhiyan: 17 सितंबर से पूरे यूपी में शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान', सीएम योगी ने जनप्रतिनिधियों को सौंपे 12 प्रमुख टास्क
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर 12 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।
- Yogi Adityanath Virtual Meeting: 403 विधानसभाओं में 'नमो सेवा' और चौराहों पर 'सेवा कलश', मुख्यमंत्री योगी ने तय की सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा
- Uttar Pradesh News: पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल को समर्पित 'सेवा संकल्प अभियान', 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशव्यापी कार्यक्रम
- Seva Sankalp Abhiyan Guidelines: हर ब्लॉक में लगेंगे 7 दिवसीय सेवा शिविर, सीएम योगी ने मंत्रियों और विधायकों को जमीन पर उतरने के दिए निर्देश
- UP Seva Sankalp Abhiyan: 17 सितंबर से पूरे यूपी में शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान', सीएम योगी ने जनप्रतिनिधियों को सौंपे 12 प्रमुख टास्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में 17 सितंबर से व्यापक स्तर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों के निरंतर कार्यकाल को समर्पित यह विशेष अभियान 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिला पंचायत अध्यक्षों, महापौरों, नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ वर्चुअल बैठक कर इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और इसे जनसहभागिता का स्वरूप देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इस अभियान की मूल भावना है। उन्होंने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देशित किया कि वे अपने प्रभार वाले जनपदों और आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास करें और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं।
12 प्रमुख कार्यक्रमों से जुड़ेगा समाज का हर तबका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत 12 विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और शिल्पकारों की सक्रिय भागीदारी हो सके।
अभियान की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती और सेवा दिवस के अवसर पर होगी। इस दिन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पारंपरिक शिल्पकारों, दस्तकारों और कारीगरों के सम्मान में विश्वकर्मा पूजन का आयोजन किया जाएगा और उन्हें आधुनिक कार्य-उपकरण (टूलकिट) वितरित किए जाएंगे।
उसी दिन शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहकर लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया। साथ ही डबल इंजन सरकार के सहयोग से निर्मित प्रमुख जनसुविधा भवनों, अमृत सरोवरों और बड़ी विकास परियोजनाओं के परिसरों में भी दीप जलाए जाएंगे।
विधानसभा स्तर पर 'नमो सेवा' और सांस्कृतिक सहभागिता
अभियान के अगले चरण में 18 सितंबर से राज्य की सभी 403 विधानसभाओं में ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सेवा, सुशासन और बुनियादी विकास के क्षेत्र में हुए बदलावों की कहानियों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसमें क्षेत्रीय लोक कलाकारों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर हुए सकारात्मक सामाजिक परिवर्तनों को सांस्कृतिक विधाओं के माध्यम से आमजन के सामने प्रस्तुत किया जा सके।
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विकास और राष्ट्र निर्माण की अवधारणा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, निबंध, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों और स्थानीय प्रबुद्धजनों की भागीदारी से युवा पीढ़ी को देश की प्रगति यात्रा से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
स्वास्थ्य, पोषण और 'सेवा सेतु' शिविर
महिला एवं बाल विकास तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को गति देने के लिए ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए 'हेल्दी बेबी प्रतियोगिताएं' भी होंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन आयोजनों को केवल औपचारिक न रखा जाए, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की माताओं तक पोषण, स्तनपान और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी प्रामाणिक जानकारियां सरल भाषा में पहुंचाई जाएं।
प्रशासनिक स्तर पर नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इन बहुउद्देशीय शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, मौके पर ही नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, पात्रता की जांच होगी और स्वीकृत पत्रों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही शिविर परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य मेलों का भी आयोजन किया जाएगा।
7 अक्टूबर: ऐतिहासिक दिन और सेवा कलश की स्थापना
अभियान के दौरान 7 अक्टूबर की तिथि को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। 7 अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर संवैधानिक दायित्वों के जरिए सार्वजनिक सेवा की शुरुआत की थी। इस 25 वर्ष की अनवरत सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रमुख चौराहों पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री के विशेष संबोधन का सजीव प्रसारण कराया जाएगा, जहां जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन सेवा और राष्ट्र-समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगा।
'सेवा की कहानी' से सामने आएंगे वास्तविक अनुभव
विकास योजनाओं के प्रभाव को रेखांकित करने के लिए ‘सेवा की कहानी’ पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों से आम परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को डिजिटल माध्यम से साझा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस पहल में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों का सफल इलाज कराने वाले लाभार्थियों, आवास योजना, उज्ज्वला योजना और हर घर नल योजना के लाभार्थियों के अनुभव शामिल किए जाएं। तैयार की जाने वाली लघु वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, उसका गांव, ब्लॉक, जिला और संबंधित योजना का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, जिससे योजनाओं की जमीनी सच्चाई बिना किसी लाग-लपेट के सबके सामने आ सके।
इसके अतिरिक्त ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से सामाजिक श्रमदान को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनसहभागिता से कम से कम दो सार्वजनिक स्थलों के कायाकल्प का कार्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर इस पूरे महीने को सेवा, समर्पण और जनसरोकार के पर्व के रूप में मनाएं।
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