UP News: उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, नगरों में 157 घंटे चलेगा अनवरत स्वच्छता अभियान
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलेगा। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सभी नगरीय निकायों में 157 घंटे का अनवरत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
- Yogi Government Cleanliness Drive: यूपी के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता का महाअभियान, 1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष श्रमदान
- Swachhata Abhiyan UP: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनआंदोलन बनेगा स्वच्छता अभियान, नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने रूपरेखा की साझा
- Urban Development UP: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की बैठक के बाद यूपी की तैयारी, 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक नॉन-स्टॉप सफाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वच्छता को सरकारी औपचारिकताओं से बाहर निकालकर एक व्यापक जनआंदोलन बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। प्रदेश सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे राज्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ संचालित करने जा रही है। एक माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों से लेकर वार्ड स्तर तक सघन साफ-सफाई और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का सबसे प्रमुख आकर्षण 25 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच चलने वाला 157 घंटे का अनवरत स्वच्छता महाअभियान होगा, जिसमें राज्य के सभी नगरीय निकायों की पूर्ण सक्रियता सुनिश्चित की जाएगी।
157 घंटे का नॉन-स्टॉप सफाई अभियान
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (ए.के. शर्मा) ने विभागीय कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जाने के लिए 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बिना रुके कुल 157 घंटे का निरंतर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्ड स्तर पर विशेष सफाई टोलियां तैनात की जाएंगी। सार्वजनिक स्थलों, मुख्य बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन परिसरों के निकटवर्ती क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों, पार्कों और संवेदनशील कचरा जमाव वाले बिंदुओं (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स) को चिन्हित कर वहां व्यापक सफाई कराई जाएगी। नगर विकास मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सफाई व्यवस्था को केवल सफाईकर्मियों के भरोसे न रखकर आम नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और स्थानीय समितियों को इससे सीधे जोड़ना है, ताकि स्वच्छता एक सामूहिक स्वभाव बन सके।
केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
सेवा संकल्प अभियान की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय तैयारियों को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में सभी राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों को आगामी एक माह तक चलने वाले इस स्वच्छता कार्यक्रम को धरातल पर प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए।
इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश की ओर से नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और राज्य की विस्तृत तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। बैठक में नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक एवं सचिव अनुज कुमार झा, अपर निदेशक ऋतु सुहास समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में तय हुआ कि स्वच्छता ही सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक निकाय स्तर पर दैनिक प्रगति की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
महापुरुषों की जयंतियों से जुड़ेगा सेवा पर्व
इस एक माह के स्वच्छता कार्यक्रम की तिथियों का चयन ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दिवसों को ध्यान में रखकर किया गया है। अभियान की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में होगी। इस दिन से पूरे प्रदेश में स्वच्छता एवं सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां प्रारंभ होंगी।
इसके पश्चात 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 157 घंटे के अनवरत स्वच्छता अभियान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती यानी 2 अक्टूबर को इस 157 घंटे के सघन चरण का समापन होगा।
कार्यक्रम के अगले चरण में 7 अक्टूबर को विशेष आयोजन निर्धारित किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा और संवैधानिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समर्पित होंगे। अंततः 17 अक्टूबर को महीने भर चलने वाले इस वृहद सेवा संकल्प अभियान का औपचारिक समापन किया जाएगा।
1 अक्टूबर को एक घंटे का राज्यव्यापी श्रमदान
अभियान के दौरान जनसहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दिन पूरे राज्य में 'एक तारीख, एक घंटा, एक साथ' की भावना के अनुरूप सामूहिक श्रमदान का आयोजन होगा।
नगर विकास मंत्री ने बताया कि इस विशेष एक घंटे के अभियान में केवल नगर विकास विभाग ही नहीं, बल्कि शासन के सभी प्रमुख विभाग, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, गैर-सरकारी संगठन, व्यापार मंडल और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी सीधी भागीदारी दर्ज कराएंगे। सभी विभाग और संस्थाएं अपने-अपने परिसरों, कार्यालय भवनों और उनके आसपास के सार्वजनिक मार्गों पर सफाई अभियान चलाकर समाज को स्वच्छता का संदेश देंगी।
स्थानीय निकायों को स्पष्ट जवाबदेही और दिशानिर्देश
नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में संसाधनों का आकलन कर लें। कचरा उठाने वाली गाड़ियों, फॉगिंग मशीनों, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों और सफाई मित्रों के कार्य शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विभाग का जोर इस बात पर है कि अभियान केवल झाड़ू लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि नालियों की गाद निकालने, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की चेन को दुरुस्त करने और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएं। स्वच्छता रैंकिंग और नागरिक फीडबैक को इस अभियान की सफलता का पैमाना माना जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस प्रकार के सघन प्रयासों से आगामी त्योहारी सीजन से पूर्व सभी शहरी बस्तियों को स्वच्छ और स्वस्थ परिवेश प्रदान किया जा सकेगा।
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