यूपी में दुर्गा पंडालों की सुरक्षा पर सीएम योगी के कड़े निर्देश, इमरजेंसी निकास और अग्नि सुरक्षा जांच अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में दुर्गा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश। अग्नि सुरक्षा, इमरजेंसी निकास और विसर्जन मार्गों की निगरानी के आदेश।
त्योहारी सीजन में आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने समूचे प्रदेश में कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सार्वजनिक दुर्गा पंडालों, शोभायात्राओं और मूर्ति विसर्जन के निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएं। पश्चिम बंगाल में पूजा पंडाल के दौरान सामने आई दुखद दुर्घटना से सबक लेते हुए राज्य भर के सभी पुलिस कमिश्नरों, मंडलायुक्तों, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को धरातल पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा गया है।
प्रशासनिक प्रमुखों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से पंडालों में जाकर अग्निशमन व्यवस्था की सघन पड़ताल करें। प्रत्येक पंडाल में श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्तों के अलावा आपातकालीन निकास की खुली और सुगम व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में लोग बिना किसी भगदड़ के सुरक्षित बाहर निकल सकें। इसके साथ ही विद्युत सुरक्षा को लेकर ऊर्जा निगम और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त दल सभी पंडालों और आसपास की वायरिंग, ट्रांसफार्मर और अस्थायी कनेक्शनों की तकनीक आधारित जांच करेंगे। सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और आयोजकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विजयादशमी, महानवमी और प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल के अलावा नगर निकाय, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल और ऊर्जा विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहने की हिदायत दी गई है। जुलूस और शोभायात्रा के रास्तों पर लटकते बिजली के तारों को दुरुस्त करने, नियमित साफ-सफाई रखने और पेयजल प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वे जन आस्था का पूरा सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखें, किंतु किसी भी नए और अनधिकृत चलन को शुरू न होने दें, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इसके साथ ही बलरामपुर के ग्रामीण क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शासन स्तर से त्वरित सहायता की घोषणा की गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों के शोकाकुल परिवारों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक राहत राशि स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी घायलों को नजदीकी उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी बाधा के तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
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