Seva Sankalp Abhiyan UP: सेवा संकल्प अभियान से जुड़ेगा उत्तर प्रदेश का शिक्षा जगत, 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार
उत्तर प्रदेश के स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विशेष कार्यक्रम होंगे। ड्राइंग, भाषण और राज्यस्तरीय प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
- UP Education Department: बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग मिलकर चलाएंगे विशेष अभियान, छात्र-छात्राओं में विकसित भारत की भावना होगी मजबूत
- School Competitions UP: 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में होंगी ड्राइंग व भाषण प्रतियोगिताएं, राज्य स्तर पर सजेगी भव्य प्रदर्शनी
- Lucknow News: उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा मंत्रियों की साझा बैठक, विश्वविद्यालयों से लेकर प्राथमिक विद्यालयों तक युवाओं की सहभागिता पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण, जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने व्यापक शैक्षणिक अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने जा रहे राज्यव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों को एक मंच पर लाकर विद्यार्थियों, युवाओं, प्राध्यापकों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं की सृजनात्मक ऊर्जा को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के राष्ट्रीय विजन के साथ सीधे जोड़ना है।
अभियान के सफल और समन्वित संचालन के लिए राजधानी लखनऊ में एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने तीनों विभागों के प्रमुख सचिवों, निदेशकों और राज्य परियोजना समन्वयकों के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा पर बिंदुवार समीक्षा की।
'25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत' कार्यक्रम का खाका
अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और निजी शिक्षण संस्थानों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमताओं को निखारने के लिए दो प्रमुख श्रेणियां निर्धारित की गई हैं:
-
कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों के लिए: विद्यालय स्तर पर ड्राइंग और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी, जिसमें छात्र नए भारत के अपने विजन और आत्मनिर्भर देश की संकल्पना को रंगों के माध्यम से उकेरेंगे।
-
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए: भाषण और वक्तृत्व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसका मुख्य विषय भारत के विकास की यात्रा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और युवा नेतृत्व पर आधारित होगा।
ये प्रतियोगिताएं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगी। पहले चरण में विद्यालय और विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों को जनपद स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, जहां जिला स्तरीय कला प्रदर्शनी आयोजित होगी। जनपद स्तर पर उत्कृष्ट घोषित कृतियों को राज्य स्तरीय भव्य प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें विभागीय मंत्री, शिक्षाविद् और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन करेंगे।
विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में युवा संवाद
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका भी इस अभियान में केंद्रीय रखी गई है। राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की मूल थीम पर केंद्रित विशेष युवा संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश का युवा केवल नीतियों का उपभोक्ता या दर्शक नहीं है, बल्कि वह भविष्य की नीतियों का निर्माता और संवाहक है। ऐसे में उच्च शिक्षा के स्तर पर संगोष्ठियों, डिबेट, नवाचारी विचार सत्रों (आइडियाथॉन) और रचनात्मक प्रदर्शनियों के माध्यम से कॉलेज के युवाओं के विचारों को नीति-निर्माण से जोड़ने का मंच दिया जाएगा। युवा किस प्रकार डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति, शोध और स्थानीय समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकते हैं, इस पर संवाद केंद्रित रहेगा।
विद्यालयों से निकलकर समाज और घर-परिवार तक पहुंचेगी गूंज
समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल कक्षाओं और शैक्षणिक परिसरों की चारदीवारी तक सीमित न रहे। जब बच्चे चित्र बनाएंगे या भाषण के लिए तैयारी करेंगे, तो वे अपने परिवार, माता-पिता और आसपास के परिवेश से भी संवाद करेंगे।
शिक्षक-अभिभावक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों को भी इन कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाएगा। इसके जरिए प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा मॉडल, सुशासन के सिद्धांतों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को जन-जन तक प्रसारित किया जाएगा।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा 12 कार्यक्रमों का महाअभियान
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक कुल एक माह की अवधि में 12 विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। इसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिल्पकार कल्याण, पौधरोपण और जनसुविधाओं से जुड़े अभियानों के साथ शिक्षा विभाग का यह अभियान सबसे बड़ा जनसहभागिता वाला आयाम माना जा रहा है।
चारों मंत्रियों ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि आयोजन में किसी भी प्रकार की औपचारिकता न बरती जाए। निजी विद्यालयों को भी इसमें सक्रियता से शामिल किया जाए, ताकि राज्य के हर तबके के बच्चे और युवा इस सकारात्मक राष्ट्र-निर्माण अभियान का अभिन्न अंग बन सकें।
Also Click : Hardoi News: हरदोई में भाजपा की बैठक: प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर किया मंथन
What's Your Reaction?







