UP Excise Crackdown: यूपी में अवैध शराब माफियाओं पर ताबड़तोड़ प्रहार, 3152 ठिकानों पर छापेमारी, 8418 लीटर शराब जब्त
उत्तर प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने 3152 स्थानों पर छापेमारी कर 8418 लीटर अवैध शराब बरामद की। 373 मुकदमे दर्ज कर 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- Yogi Government Zero Tolerance: आबकारी विभाग का राज्यव्यापी विशेष अभियान, 373 मुकदमे दर्ज और 77 तस्कर गिरफ्तार
- Uttar Pradesh Crime News: अवैध शराब के नेटवर्क पर नकेल, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
- Lucknow News: आबकारी विभाग की 24 घंटे की महा-कार्रवाई, निर्माण और तस्करी के अड्डों पर एक साथ दी गई दबिश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, अवैध भंडारण, बिक्री और अंतरराज्यीय तस्करी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर आबकारी विभाग ने सघन विशेष प्रवर्तन अभियान छेड़ रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत आबकारी और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में एक साथ 3,152 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कुल 373 अभियोग (मुकदमे) पंजीकृत किए गए, जबकि 77 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई पूरी की गई। विभागीय प्रवर्तन टीमों ने छापेमारी के दौरान कुल 8,418 लीटर अवैध व मिलावटी शराब बरामद की है।
त्योहारी मौसम और संभावित अवैध गतिविधियों के मद्देनजर शासन द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बाद से ही पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग की प्रवर्तन इकाइयां अलर्ट मोड पर हैं। विभाग का सीधा उद्देश्य जनस्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित होने वाली जहरीली शराब के कारोबार को पूरी तरह नेस्तनाबूत करना और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान पर प्रभावी रोक लगाना है।
अवैध अड्डों पर एक साथ दबिश से माफियाओं में हड़कंप
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह राज्यव्यापी कार्रवाई सुनियोजित रणनीति के तहत अंजाम दी गई। जनपदों के आबकारी अधिकारियों, प्रवर्तन प्रभारियों, स्थानीय पुलिस बल और विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के साथ समन्वय स्थापित कर उन स्थानों की पहले मैपिंग की गई थी, जहां कच्ची शराब बनाने के अवैध कारखाने चलाए जाने अथवा अन्य राज्यों से तस्करी कर लाई गई शराब छिपाए जाने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं।
नदी-नालों के किनारे स्थित जंगलों, ईंट-भट्ठों, संदिग्ध ढाबों, पुराने गोदामों और अंतरराज्यीय सीमाओं के निकटवर्ती टोल प्लाजा पर विशेष नाकेबंदी कर वाहनों की सघन तलाशी ली गई। 3,152 ठिकानों पर की गई इस अचानक कार्रवाई के चलते अवैध शराब के धंधे में संलिप्त माफियाओं और उनके स्थानीय नेटवर्क में भगदड़ मच गई। मौके से हजारों लीटर लहन और शराब बनाने के उपकरण भी नष्ट किए गए।
राजस्व सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने विभागीय कार्रवाई का विस्तृत विवरण साझा करते हुए बताया कि अवैध शराब के खिलाफ चल रहा यह अभियान कोई आकस्मिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सतत चलने वाली प्रवर्तन प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का ध्यान केवल शराब की जब्ती और त्वरित मुकदमों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को तोड़ना है, जो पर्दे के पीछे से इस गैर-कानूनी कारोबार को संचालित करती है।
आबकारी आयुक्त के अनुसार, 10 सितंबर को चलाए गए इस विशेष 24 घंटे के अभियान के दौरान दर्ज किए गए 373 अभियोगों में नामजद किए गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यदि कोई आदतन अपराधी इस धंधे में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के साथ-साथ गैंगस्टर एक्ट और अन्य कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की कुर्की की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
संदिग्ध ढाबों और राजमार्गों पर पैनी निगाह
उत्तर प्रदेश की सीमाएं कई पड़ोसी राज्यों से लगती हैं, जहां से कई बार गैर-प्रांत की शराब तस्करी कर लाए जाने के प्रयास किए जाते हैं। विभागीय टीमों को विशेष रूप से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित ढाबों, पेट्रोल पंपों और बंद पड़े कारखानों पर नियमित दबिश देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, अधिकृत उचित दर की लाइसेंसी देशी और विदेशी शराब की दुकानों की भी औचक जांच की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, होलोग्राम की प्रामाणिकता और बारकोड की सघन जांच करें ताकि लाइसेंसी दुकानों की आड़ में किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग या गैर-अनुमन्य मिलावटी शराब की बिक्री की संभावना न रहे।
स्थानीय अभिसूचना और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय
विभाग ने आम नागरिकों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए हैं। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र से अवैध शराब की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है।
आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने दोहराया कि विभाग की टीमें आगे भी इस अभियान को इसी गति और कठोरता के साथ जारी रखेंगी। सरकार का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है कि नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध कारोबारी या उन्हें संरक्षण देने वाले तत्वों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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