यूपी में बीज वर्धन प्रक्षेत्र योजना के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर: पांच जिलों के किसानों और श्रमिकों को मिलेगा भुगतान
उत्तर प्रदेश सरकार ने बीज वर्धन प्रक्षेत्र योजना के तहत 10 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी। गोरखपुर, बस्ती सहित पांच जिलों के किसानों-मजदूरों को मिलेगा लाभ।
लखनऊ। प्रदेश में कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, उन्नतशील बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खेती-किसानी से जुड़े कामगारों के हितों की रक्षा के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने एक बड़ा वित्तीय निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष के दौरान 'प्रयोगात्मक क्षेत्र प्रदर्शन और बीज वर्धन प्रक्षेत्र' योजना के संचालन को गति देने के लिए दस करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि का उपयोग मुख्य रूप से कृषि कार्यों में जुटे श्रमिकों की मजदूरी के भुगतान तथा खरीफ मौसम के दौरान संपन्न कराई गई विभिन्न शस्य क्रियाओं के सापेक्ष लंबित देयकों को चुकाने में किया जाएगा।
शासन द्वारा जारी वित्तीय आदेशों के अनुसार, यह धनराशि निर्धारित मानक मद 'मजदूरी' के अंतर्गत सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। इस वित्तीय व्यवस्था से विशेष रूप से पूर्वांचल के पांच प्रमुख जनपदों गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और अम्बेडकरनगर के काश्तकारों और खेतीहर श्रमिकों को सीधा संबल मिलेगा। इन जिलों में योजना के तहत काम कर रहे किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और कृषि कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस समयबद्ध वित्तीय आवंटन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीनी स्तर पर पसीना बहाने वाले श्रमिकों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक बिना किसी विलंब के सीधे प्राप्त हो सके। इसके साथ ही उन्नत बीजों के संवर्धन और प्रक्षेत्र प्रदर्शन से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव आगामी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता पर दिखाई देगा। संबंधित जनपदों के कृषि उपनिदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत धनराशि का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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