UP Heavy Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, 60 घंटों में 56 की मौत और 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त; राहत कार्य युद्धस्तर पर

उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश से 56 लोगों की मौत हो गई और 1021 मकान क्षतिग्रस्त हुए। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरने और मुआवजे के निर्देश दिए।

By INA News Desk
Sep 27, 2026 - 21:07
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UP Heavy Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, 60 घंटों में 56 की मौत और 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त; राहत कार्य युद्धस्तर पर
प्रतीकात्मक चित्र

उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आंधी-तूफान और भारी बारिश के कारण पिछले 60 घंटों के भीतर प्रदेश भर में 56 लोगों की जान जा चुकी है, 46 व्यक्ति घायल हुए हैं, 107 मवेशियों की अकाल मौत हुई है और 1,021 मकान ढहने या क्षतिग्रस्त होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को सभी प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों (DM) और अपर जिलाधिकारियों (ADM) के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की और राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के कड़े निर्देश दिए।

राहत आयुक्त ने फील्ड अफसरों को दो टूक हिदायत दी कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से सीधे संपर्क साधने, व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनने और अनुमन्य सरकारी सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।

सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश का रिकॉर्ड

राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी मौसम एवं वर्षा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक राज्य में औसतन 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि इस समयावधि में राज्य की सामान्य वर्षा का मानक मात्र 7.6 मिमी रहता है। इस प्रकार प्रदेश भर में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक अप्रत्याशित वर्षा दर्ज की गई है।

प्रदेश के कुल 75 जनपदों में से 56 जनपद अत्यधिक वर्षा (Extreme Rainfall) की चपेट में हैं। पश्चिमी और मध्य यूपी के कई जिलों में वर्षा के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं:

  • फर्रूखाबाद: सामान्य से 7385 प्रतिशत अधिक बारिश

  • कन्नौज: सामान्य से 5664 प्रतिशत अधिक बारिश

  • शाहजहांपुर: सामान्य से 4408 प्रतिशत अधिक बारिश

  • हमीरपुर: सामान्य से 4240 प्रतिशत अधिक बारिश

  • महोबा: सामान्य से 4100 प्रतिशत अधिक बारिश

जनहानि, पशुहानि और मकानों की तबाही का जिलावार ब्योरा

अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने तथा दीवारों के ढहने की घटनाओं में जनहानि का सबसे गहरा असर तराई और मध्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में देखा गया है:

  • जनहानि (कुल 56): सीतापुर में सर्वाधिक 7 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 और गोरखपुर में 4 लोगों की असमय मृत्यु दर्ज की गई है।

  • घायल (कुल 46): हरदोई में 7, मैनपुरी, श्रावस्ती व बाराबंकी में 5-5 तथा सीतापुर व लखीमपुर खीरी में 3-3 नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार स्थानीय अस्पतालों में कराया जा रहा है।

  • पशुहानि (कुल 107): किसानों और पशुपालकों पर भी मौसम की गहरी मार पड़ी है। हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 पशुओं की हानि दर्ज हुई है।

  • मकानों की क्षति (कुल 1021): आशियाने उजड़ने के मामलों में हरदोई जिला शीर्ष पर है जहां 272 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके बाद सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान नष्ट हुए हैं।

फील्ड में अफसरों की तैनाती और तत्काल मुआवजा वितरण के आदेश

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सभी जनपदों के प्रशासनिक अमले और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को निर्देश दिए हैं कि वे वातानुकूलित दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्राउंड जीरो पर रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहानि के मामलों में मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर निर्धारित अनुग्रह सहायता राशि वितरित की जाए। घायलों को समुचित निशुल्क चिकित्सा सुविधा और आर्थिक मदद दी जाए।

जिन परिवारों के मकान पूर्ण अथवा आंशिक रूप से गिर गए हैं, उनके रहने के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि जो गरीब परिवार बेघर हुए हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर सरकारी ग्रामीण या शहरी आवास योजनाओं से प्राथमिकता पर आच्छादित किया जाए। इसके साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों (विधायकों, सांसदों और पंचायत प्रतिनिधियों) के साथ निरंतर संवाद बनाकर राहत कार्यों की स्थिति साझा करने को कहा गया है।

कृषि फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वेक्षण

अतिवृष्टि के चलते खरीफ की प्रमुख फसलों, विशेषकर धान, मक्का, तिलहन और सब्जियों की खेती को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से खेत जलमग्न हो गए हैं। राहत आयुक्त ने राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को निर्देश दिए हैं कि वे खेतों में जाकर फसल क्षति का तत्काल सर्वे करें ताकि नियमानुसार पीड़ित किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा प्रदान किया जा सके।

आम जनता से सतर्कता बरतने की अपील, हेल्पलाइन जारी

प्रशासन ने जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में मोटरबोट और राहत दलों को तैनात कर दिया है। लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है और भोजन के पैकेट व जरूरी दवाइयां वितरित की जा रही हैं।

राहत आयुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनती नदियों और नालों के तेज बहाव के पास जाने से बचें। जर्जर भवनों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।

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