खेत से वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी अन्नदाता की उपज: ट्रेड शो में किसानों को मिले ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री के नए रास्ते
ग्रेटर नोएडा ट्रेड शो में पश्चिमी यूपी के किसानों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स बिक्री के गुर सिखाए गए। एफपीओ के जरिए सामूहिक विपणन पर रहा विशेष जोर।
ग्रेटर नोएडा। फसल उगाने के साथ-साथ बाजार में उसका लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए अब पारंपरिक खेती को आधुनिक ब्रांडिंग, सुरक्षित पैकेजिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के मंच पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को बदलते कृषि बाजार की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराया गया। पश्चिम मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित विशेष किसान मेले में मेरठ मंडल सहित पश्चिमी यूपी के सात प्रमुख जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के प्रगतिशील व नवाचारी किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित इस किसान मेले का शुभारंभ संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) व एफपीओ नोडल अधिकारी संतोष राय तथा संयुक्त कृषि निदेशक (मेरठ मंडल) स्मिता वर्मा ने किया। अधिकारियों ने तकनीकी सत्रों को संबोधित करने के साथ मेले में प्रदर्शित विभिन्न कृषि स्टालों का अवलोकन किया। कृषि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्तर पर बिक्री के बजाय किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के रूप में संगठित होकर किसान अपनी उत्पादन लागत घटा सकते हैं और उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
परियोजना निदेशक (तकनीकी) नीरज सुव्रत ने बताया कि सामूहिक समूह बनाकर उपज का भंडारण, प्राथमिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग करने से बड़े संस्थागत खरीदारों तक पहुंच आसान हो जाती है। इसके साथ ही खाद, उन्नत बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों की थोक खरीद से लागत में भारी कमी आती है, जबकि संगठित बिक्री से बाजार में किसानों की सौदेबाजी क्षमता सुदृढ़ होती है। एफपीओ के मुनाफे से सदस्यों को लाभांश वितरण और संगठन के विस्तार की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
डिजिटल कॉमर्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ओएनडीसी के उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी ने बताया कि किसान उत्पादक संगठन ई-कॉमर्स नेटवर्क के माध्यम से अपने उत्पादों को डिजिटल स्टोरफ्रंट पर सीधे अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान, व्यापक प्रचार और सुरक्षित आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग करके किसान बिचौलियों की निर्भरता समाप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञ सिद्धार्थ गौतम ने किसानों को लागत घटाने और मूल्य संवर्धन के व्यावहारिक उपाय सुझाए।
उप कृषि निदेशक (गौतमबुद्धनगर) विवेक दुबे ने जनपद में कृषि विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों का ब्योरा रखा। उन्होंने किसानों से नई तकनीक और आधुनिक विपणन व्यवस्था को अपनाने का आह्वान किया। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह मंच किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और संपूर्ण मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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