यूपी के पीएम श्री विद्यालयों में विकसित होंगे आधुनिक लर्निंग कॉर्नर: खेल, अभिनय और कला से संवरेगी नौनिहालों की शुरुआती शिक्षा
यूपी के 966 पीएम श्री विद्यालयों की बालवाटिकाओं में चार लर्निंग कॉर्नर बनेंगे। सरकार ने ₹193 लाख मंजूर किए, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से सीखेंगे नौनिहाल।
लखनऊ। प्रदेश में नन्हें बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, सहज और बाल-केंद्रित स्वरूप देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। पीएम श्री योजना के तहत राज्य के 966 पीएम श्री विद्यालयों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में विशेष लर्निंग कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शासन ने 193 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित विद्यालय को बीस हजार रुपये की दर से धनराशि आवंटित की जाएगी।
इन केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की विकासात्मक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए चार विशेष क्षेत्र रीडिंग कॉर्नर, ब्लॉक कॉर्नर, परफॉर्मेंस कॉर्नर और आर्ट कॉर्नर तैयार किए जाएंगे। इन चारों माध्यमों के जरिए कक्षाएं ऐसी जीवंत कार्यशाला के रूप में परिवर्तित होंगी जहां पुस्तकें, खिलौने, रंग, चित्र और अभिनय बच्चों के स्वाभाविक सीखने का माध्यम बनेंगे। यह नवाचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल भावना के अनुरूप बच्चों के संज्ञानात्मक, संवेदनात्मक, शारीरिक और सूक्ष्म मांसपेशियों के समुचित विकास की मजबूत नींव रखेगा।
सीखने की प्रक्रिया को उम्र के अनुसार दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। तीन से पांच वर्ष और पांच से छह वर्ष के बच्चों की आवश्यकताओं को देखते हुए अलग-अलग शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। रीडिंग कॉर्नर में हिंदी वर्णमाला मैट, आकर्षक सचित्र पुस्तकें, ओपन बुक शेल्फ, संख्या चार्ट और क्लिप बोर्ड दिए जाएंगे, जबकि बड़े बच्चों के लिए द्विभाषी और शुरुआती पठन पुस्तकें शामिल होंगी। ब्लॉक कॉर्नर में लकड़ी और फोम के ब्लॉक्स, शेप सॉर्टर, पहेलियां और संख्या खिलौने उपलब्ध रहेंगे, जिससे बच्चों की स्थानिक समझ और समस्या समाधान की तार्किक क्षमता बढ़ेगी।
रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के विस्तार के लिए परफॉर्मेंस कॉर्नर में विभिन्न भूमिका निभाने वाले वेशभूषा परिधान, उंगलियों पर चलने वाली कठपुतलियां (पपेट), रसोई खेल सेट, गुड़िया, मुखौटे, छोटे ढोलक और खिलौना टेलीफोन रखे जाएंगे। वहीं आर्ट कॉर्नर में रसायनमुक्त फिंगर पेंट, सुरक्षित क्रेयॉन, बाल-सुलभ गोंद और रंगीन आर्ट शीट जैसी सामग्री मौजूद रहेगी, जिससे बच्चे अपनी कल्पनाशक्ति को निर्बाध रूप से अभिव्यक्त कर सकेंगे।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बालवाटिका में प्रारंभिक शिक्षण जितना सहज और मनोरंजक होगा, बच्चों की बुनियाद उतनी ही पुख्ता बनेगी। इन चारों लर्निंग कॉर्नर के माध्यम से बच्चों को अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा के साथ सीखने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने स्पष्ट किया कि खेल-आधारित वातावरण से बच्चों के सीखने की क्षमता बहुआयामी बनेगी। उन्होंने बताया कि विद्यालय स्तर पर सामग्री की खरीद से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर पर इसकी गुणवत्ता और नियमित उपयोग की निगरानी के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है।
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