यूपी में छात्रवृत्ति पाना हुआ और आसान: समाज कल्याण विभाग और पिरामल फाउंडेशन के बीच हुआ बड़ा समझौता, एआई से आएगी पारदर्शिता
उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग और पिरामल फाउंडेशन के बीच समझौता हुआ। एआई तकनीक से विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। विद्यार्थियों को समय पर स्कॉलरशिप का लाभ दिलाने और प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए समाज कल्याण विभाग और पिरामल फाउंडेशन फॉर एजुकेशन लीडरशिप के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
राजधानी के गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह समझौता राज्यमंत्री समाज कल्याण स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव और निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह की मौजूदगी में हुआ।
इस अवसर पर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव लाना नहीं है, बल्कि सुशासन, जवाबदेही और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से विभाग की कार्यप्रणाली मजबूत होगी और विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर बेहतर तालमेल के साथ पात्र विद्यार्थियों तक आर्थिक मदद आसान, स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से पहुंच सकेगी।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में छात्रवृत्ति योजनाओं के डिजिटलीकरण और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया से लेकर धनराशि हस्तांतरण तक की पूरी व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
योजनाओं की लगातार निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित छात्रवृत्ति प्रबंधन इकाई (पीएमयू) की स्थापना की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर भी सहयोगी नेटवर्क तैयार किया जाएगा ताकि किसी भी पात्र विद्यार्थी को आवेदन या राशि मिलने में कोई असुविधा न हो। कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन और समाज कल्याण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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