UP STC Special Lecture: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष सत्र, योजना भवन में हुआ मंथन
उत्तर प्रदेश राज्य परिवर्तन आयोग ने योजना भवन में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया। पूर्व केंद्रीय सचिव डॉक्टर ख्वाजा ने दिए सुझाव।
उत्तर प्रदेश को संबल और सतत विकास की राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से योजना भवन में एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) द्वारा आयोजित इस व्याख्यान में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु सहनशीलता और सतत विकास के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। पूर्व केंद्रीय सचिव डॉक्टर राजेन हबीब ख्वाजा ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लेते हुए प्रशासनिक नीतियों में पर्यावरण संवर्धन को शामिल करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने की। सत्र में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, नियोजन तथा यूपीडा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद और शोधार्थी शामिल हुए। व्याख्यान के दौरान वायु व जल प्रदूषण, नदियों के संरक्षण, हरित पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों के न्यायसंगत प्रबंधन पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ नदी पारिस्थितिकी तंत्र का बचाव भी अत्यंत आवश्यक है। आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा कि 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शासन, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज के बीच तालमेल होना आवश्यक है, ताकि साक्ष्यों पर आधारित प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें।
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