UPITS 2026: ढोलक-ढपली की थाप पर गूंजी 'आवाज', यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में युवाओं के नुक्कड़ नाटक ने मोहा सबका मन

ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 'आवाज' समूह के युवा कलाकारों ने ढोलक-ढपली की थाप पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए ऊर्जा बचत, सुरक्षित सेल्फी और सरकारी योजनाओं का संदेश दिया।

By INA News Desk
Sep 27, 2026 - 21:43
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UPITS 2026: ढोलक-ढपली की थाप पर गूंजी 'आवाज', यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में युवाओं के नुक्कड़ नाटक ने मोहा सबका मन
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ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) में जहां एक तरफ औद्योगिक सौदों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों और आधुनिक तकनीकों की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक 'जेन जी' (Gen Z) पीढ़ी के युवाओं का एक अनूठा सांस्कृतिक व सामाजिक अंदाज आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। विशालकाय पवेलियनों, चमचमाती एलईडी स्क्रीन्स और औपचारिक उद्घोषणाओं के बीच जब अचानक ढोलक-ढपली की पारंपरिक थाप और सुरीले गीतों की आवाज गूंजती है, तो मेले में घूम रही भारी भीड़ उसी दिशा में खिंची चली आती है। यहां अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से जुड़े युवा छात्र-छात्राएं किसी औपचारिक मंच या तामझाम के बिना, जमीन पर घेरा बनाकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों और जनहितैषी सरकारी योजनाओं पर सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।

'आवाज' (Aawaz) नाम से सक्रिय इस युवा रंगमंच समूह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये कलाकार जिस भी विभाग या सार्वजनिक उपक्रम के पवेलियन में पहुंचते हैं, उसी के विषय के अनुरूप तुरंत अपनी नाट्य प्रस्तुति को ढाल लेते हैं। कला और अभिनय के इस जीवंत माध्यम से युवा कलाकार बिजली की बचत से लेकर आधुनिक जीवनशैली में सेल्फी से जुड़े जानलेवा खतरों तक के प्रति लोगों को बेहद प्रभावी ढंग से जागरूक कर रहे हैं।

पावर ग्रिड पवेलियन में ऊर्जा संरक्षण का प्रभावी संदेश

जब यह समूह पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के पवेलियन के सामने पहुंचा, तो ढपली की तेज थाप के साथ बिजली के विवेकपूर्ण उपयोग पर केंद्रित नाटक की शुरुआत हुई। कलाकारों ने चुटीले संवादों, रोजमर्रा के घरेलू उदाहरणों और जनगीतों के माध्यम से यह समझाया कि कमरे से बाहर निकलते समय पंखे-बत्ती बंद करना और ऊर्जा-दक्ष उपकरणों का इस्तेमाल करना केवल बिजली बिल कम करने का साधन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने का राष्ट्रीय दायित्व है।

उनकी इस प्रस्तुति ने कॉर्पोरेट अधिकारियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और मेले में आए आम परिवारों को रुकने और अपनी जीवनशैली पर विचार करने के लिए विवश कर दिया। संवादों की सरलता और अभिनय की ताजगी ने ऊर्जा जैसे गंभीर और तकनीकी विषय को हर आयु वर्ग के दर्शक के लिए सहज बोधगम्य बना दिया।

सोशल मीडिया का मोह और सुरक्षित सेल्फी की अपील

आज के दौर में सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और रील्स के चक्कर में युवा जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालते हैं, उसे भी समूह ने अपने व्यंग्यात्मक नाटक का प्रमुख हिस्सा बनाया। कलाकारों ने मंचन करते हुए दिखाया कि कैसे रेलवे पटरियों, ऊंची इमारतों की छतों, पुलों या नदी के किनारों पर खतरनाक कोणों से सेल्फी लेने की होड़ क्षण भर में किसी हंसते-खेलते परिवार को जीवन भर का गम दे जाती है।

पात्रों ने अपने भावनात्मक और तार्किक अभिनय के जरिए युवा पीढ़ी से सीधी अपील की कि सोशल मीडिया का वर्चुअल रोमांच किसी के बहुमूल्य जीवन से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने दर्शकों को 'सुरक्षित व्यवहार' अपनाने और सार्वजनिक स्थलों पर सेल्फी लेते समय सतर्कता बरतने की शपथ दिलाई।

'अभ्युदय योजना' की जानकारी से छात्रों को किया प्रेरित

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का काम भी यह समूह बखूबी कर रहा है। समाज कल्याण विभाग के क्षेत्र में समूह ने उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' का जीवंत चित्रण किया।

नाटक के पात्रों ने बताया कि कैसे आर्थिक तंगी के कारण ग्रामीण और कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), यूपीपीएससी, जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने संवादों के जरिए दर्शकों को समझाया कि अभ्युदय योजना के तहत प्रदेश भर में संचालित निशुल्क ऑफलाइन व ऑनलाइन कक्षाओं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन और डिजिटल स्टडी मटेरियल का लाभ उठाकर निर्धन परिवारों के बच्चे भी अफसर बनने के अपने सपने को साकार कर सकते हैं।

विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रतिभाओं का साझा मंच है 'आवाज'

इस रचनात्मक पहल के पीछे राजधानी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के जागरूक छात्र जुड़े हुए हैं। 'आवाज' समूह का नेतृत्व इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर विमेन (IGDTUW) की छात्रा पीहू कर रही हैं। उनके साथ टीम में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (RML) के पूर्व छात्र सूरज, श्री अरबिंदो कॉलेज के नितिन, नोएडा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की छात्रा साखी और दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के छात्र अभिषेक पूरी ऊर्जा के साथ अभिनय और संगीत की कमान संभाल रहे हैं।

ट्रेड शो में आने वाले दर्शकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन युवाओं के समर्पण और सामाजिक दृष्टि की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। यह प्रयोग दर्शाता है कि यदि युवा ऊर्जा को कला और सामाजिक सरोकारों से जोड़ दिया जाए, तो आधुनिक व्यापारिक सम्मेलनों में भी जनचेतना और संवेदना की एक सशक्त लहर पैदा की जा सकती है।

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