UPPCS Mains 2025: मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए 23 सितंबर से विशेष मॉक इंटरव्यू, भागीदारी भवन में होगा आयोजन
UPPCS 2025 मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए लखनऊ के भागीदारी भवन में 23 सितंबर से निःशुल्क मॉक इंटरव्यू शुरू होगा। IAS-PCS अधिकारी देंगे साक्षात्कार के महत्वपूर्ण टिप्स।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस-2025) की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए राज्य के समाज कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। साक्षात्कार के अंतिम एवं सबसे संवेदनशील चरण को सफलतापूर्वक पार करने के लिए आगामी 23 सितंबर से विशेष बहु-चरणीय मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्र राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (भागीदारी भवन) में संचालित होगा।
इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतिम चयन सूची में स्थान बनाने के लिए प्रयासरत मेधावियों के आत्मविश्वास को बढ़ाना, उनकी संवाद शैली को निखारना और साक्षात्कार बोर्ड के सामने सटीक एवं संतुलित प्रस्तुतीकरण के गुर सिखाना है। आयोग द्वारा वास्तविक साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू होने से पहले अभ्यर्थियों को ठीक उसी तरह के माहौल में अभ्यास कराया जाएगा, ताकि परीक्षा कक्ष के मनोवैज्ञानिक दबाव को कम किया जा सके।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और उपाम के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
मॉक इंटरव्यू सत्र में उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) से संबद्ध वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी, सेवानिवृत्त नौकरशाह तथा विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद व विषय विशेषज्ञ पैनलिस्ट के रूप में शामिल होंगे। यह उच्चस्तरीय बोर्ड अभ्यर्थियों से समकालीन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, उत्तर प्रदेश की आर्थिक व सामाजिक प्राथमिकताओं, नीतिगत मुद्दों और अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत विवरण (DAF) के आधार पर गहन सवाल-जवाब करेगा।
सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को यह समझाया जाएगा कि कठिन या अप्रत्याशित प्रशासनिक चुनौतियों से जुड़े सवालों पर संतुलित, तर्कसंगत और पूर्वाग्रह-मुक्त दृष्टिकोण कैसे प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही शारीरिक भाषा (बॉडी लैंग्वेज), आवाज का नियंत्रण, आंखों का संपर्क और तनावपूर्ण परिस्थितियों में मानसिक स्थिरता बनाए रखने के सूक्ष्म पहलुओं पर व्यक्तिगत रूप से फीडबैक दिया जाएगा। पैनलिस्ट प्रत्येक उम्मीदवार की कमजोरियों को चिन्हित कर उन्हें सुधारने के व्यावहारिक सुझाव देंगे।
सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क
समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष मार्गदर्शन सत्र का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, भागीदारी भवन स्थित केंद्र और राज्य भर में संचालित अन्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े छात्र तो इसमें शामिल होंगे ही, साथ ही 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' के अंतर्गत अध्ययनरत अभ्यर्थी भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों ने किसी कोचिंग का सहारा लिए बिना या स्व-अध्ययन के बल पर मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे भी इस कार्यक्रम में समान रूप से प्रतिभाग कर सकते हैं। सरकार की मंशा है कि राज्य के किसी भी मेधावी युवा की राह में उचित मार्गदर्शन या संसाधनों की कमी आड़े न आए।
आठ आवासीय कोचिंग केंद्रों में मिल रहीं विश्वस्तरीय सुविधाएं
प्रतियोगी छात्रों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के क्रम में समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदेश भर में आठ आधुनिक आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए केवल अध्ययन ही नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की व्यापक व्यवस्था की गई है।
इन आवासीय परिसरों में चयनित अभ्यर्थियों को पूर्णतः निःशुल्क आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन (मेस), अद्यतन पुस्तकों से युक्त पुस्तकालय, हाई-स्पीड इंटरनेट, नियमित टेस्ट सीरीज और उच्च स्तरीय पठन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, अध्ययन के लंबे घंटों के दौरान मानसिक थकान दूर करने और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ रखने के लिए परिसरों में मनोरंजन कक्ष, खेलकूद के उपकरण और आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
साक्षात्कार का महत्व और चयन की अंतिम रणनीति
लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में मुख्य परीक्षा अभ्यर्थी के सैद्धांतिक ज्ञान और विश्लेषणात्मक लेखन क्षमता को जांचती है, जबकि साक्षात्कार का चरण यह तय करता है कि उम्मीदवार का व्यक्तित्व लोक सेवक के उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने योग्य है या नहीं। साक्षात्कार में प्राप्त अंक अंतिम मेरिट सूची और सेवा संवर्ग (जैसे डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक आदि) के निर्धारण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र भी उचित अभ्यास के अभाव में साक्षात्कार के दबाव को झेल नहीं पाते। समाज कल्याण विभाग की यह मॉक इंटरव्यू श्रृंखला अभ्यर्थियों के मन से वास्तविक साक्षात्कार का भय समाप्त करने, उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को तराशने और उन्हें चयन के शिखर तक पहुंचाने में एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी।
What's Your Reaction?