Varanasi Banaras Railway Station Viral Video: तेज बारिश के बाद बनारस रेलवे स्टेशन की छत से टपका पानी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वाराणसी में हुई भारी बारिश के बाद बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 8 की छत से पानी टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
- Banaras Railway Station Roof Leakage: मूसलाधार बारिश में खुला बनारस रेलवे स्टेशन के शेल्टर का जोड़, प्लेटफार्म नंबर 8 का वीडियो चर्चा में
- बनारस रेलवे स्टेशन पर बारिश का 'इम्तिहान': वीआईपी स्टेशन की छत से टपकने लगा पानी, यात्री ने रिकॉर्ड किया प्लेटफार्म नंबर 8 का वीडियो
- भारी बारिश के बीच बनारस रेलवे स्टेशन का वीडियो वायरल, प्लेटफार्म नंबर 8 की छत से पानी गिरने पर उठे सवाल
देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इसी क्रम में सोमवार, 6 जुलाई 2026 को वाराणसी (बनारस) में हुई तेज बारिश के बाद एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सबसे आधुनिक और साफ-सुथरे माने जाने वाले 'बनारस रेलवे स्टेशन' के प्लेटफार्म नंबर 8 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्लेटफार्म के ऊपर बने पीपी (PP) शेल्टर की छत से पानी लगातार नीचे टपकता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे वहां मौजूद एक यात्री ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस सर्वसुविधायुक्त वीआईपी स्टेशन पर जलभराव और लीकेज की इस स्थिति ने अब रेलवे के रखरखाव और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाला बनारस रेलवे स्टेशन (पूर्व में मंडुआडीह) अपनी विश्वस्तरीय सफाई, आधुनिक यात्री सुविधाओं और सुंदर सौंदर्यीकरण के लिए जाना जाता है। सोमवार को जब शहर में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, तो इस आदर्श स्टेशन के दावों को झटका लगा। स्टेशन के नवनिर्मित प्लेटफार्म संख्या 8 पर बने पैसेंजर शेल्टर (PP Shelter) की छत बारिश के पानी का दबाव नहीं झेल सकी और उसमें से पानी का रिसाव शुरू हो गया। प्लेटफार्म पर सफर का इंतजार कर रहे यात्रियों के ऊपर पानी की बूंदें गिरने लगीं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान एक जागरूक रेल यात्री ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा कर दिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
6 जुलाई 2026 की दोपहर वाराणसी और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान बनारस रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही थी। प्लेटफार्म नंबर 8 पर भी कई यात्री अपनी ट्रेन की प्रतीक्षा में शेल्टर के नीचे खड़े थे।
तभी अचानक शेल्टर की शीटों के जोड़ों (Joints) से पानी रिसने लगा। देखते ही देखते पानी की धार प्लेटफार्म के फर्श पर गिरने लगी, जिससे वहां फिसलन की स्थिति पैदा हो गई। वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पानी सीधे उस हिस्से में गिर रहा है जहां यात्रियों के बैठने या चलने की व्यवस्था होती है। वीडियो बनाने वाले यात्री ने इस आधुनिक स्टेशन के रख-रखाव पर तंज कसते हुए इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किया, जिसके बाद यह प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लगातार भारतीय रेलवे और स्थानीय रेल प्रशासन को टैग कर सवाल पूछ रहे हैं:
यात्रियों का रुख: यात्रियों का कहना है कि बनारस रेलवे स्टेशन को देश के बेहतरीन स्टेशनों में गिना जाता है। ऐसे में मानसून की पहली कुछ भारी बारिशों में ही छत का इस तरह जवाब दे जाना चिंताजनक है।
रेलवे प्रशासन का पक्ष: हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई बड़ा लिखित बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय रेल अधिकारियों के सूत्रों के अनुसार, तेज बारिश और हवा के कारण शेल्टर के ड्रेनेज पाइप या शीट के जॉइंट में कोई कचरा फंसने या मामूली गैप आने के कारण ऐसा हुआ हो सकता है। इंजीनियरिंग विंग को तत्काल मरम्मत और जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
इस घटना का सीधा असर स्टेशन की छवि पर पड़ा है। चूंकि इस स्टेशन का कायाकल्प बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया था और इसका उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, इसलिए इसे वाराणसी का एक मॉडल स्टेशन माना जाता है। इस तरह की तस्वीरें सामने आने से तकनीकी निर्माण और रखरखाव की कमियां उजागर होती हैं। इसके अलावा, प्लेटफार्म नंबर 8 पर पानी टपकने से फर्श पर पानी जमा हो गया, जिससे यात्रियों के सामान के भीगने और बुजुर्ग या बच्चों के फिसलकर गिरने का खतरा बढ़ गया।
रेलवे के तकनीकी विभाग ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले को प्राथमिकता पर लिया है। बारिश थमने के बाद प्रभावित प्लेटफार्म नंबर 8 के शेल्टर की री-प्रूफिंग और वॉटरप्रूफिंग की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का आश्वासन है कि मानसून के बचे हुए सीजन में यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी प्लेटफार्मों के शेल्टर और ड्रेनेज सिस्टम को दोबारा दुरुस्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के लीकेज की पुनरावृत्ति न हो।
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