Rajasthan Accident : फलोदी के पास भयंकर सड़क हादसा- कोलायत मंदिर दर्शन से लौटते सूरसागर के 15 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

घटना की जानकारी देते हुए एसपी कुंदन कांवरिया ने कहा कि टेंपो ट्रैवलर चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक में जोरदार ठोकर मा

Nov 2, 2025 - 22:06
 0  30
Rajasthan Accident : फलोदी के पास भयंकर सड़क हादसा- कोलायत मंदिर दर्शन से लौटते सूरसागर के 15 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत
Rajasthan Accident : फलोदी के पास भयंकर सड़क हादसा- कोलायत मंदिर दर्शन से लौटते सूरसागर के 15 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

राजस्थान के फलोदी जिले के मतोड़ा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। एक टेंपो ट्रैवलर, जिसमें सवार लोग कोलायत मंदिर के दर्शन करके जोधपुर लौट रहे थे, सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गया। इस भयावह हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक जोधपुर जिले के सूरसागर क्षेत्र के निवासी थे, जो परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। फलोदी के पुलिस अधीक्षक कुंदन कांवरिया ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोपहर करीब 2 बजे हुआ।

घटना की जानकारी देते हुए एसपी कुंदन कांवरिया ने कहा कि टेंपो ट्रैवलर चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक में जोरदार ठोकर मार दिया। ट्रक अनियोजित रूप से रुका हुआ था, जिसकी वजह से टेंपो का ब्रेक लगाने का मौका ही नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन वाहन की बुरी तरह क्षतिग्रस्त स्थिति ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया। मृतकों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि टेंपो में कुल 20 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से 15 की मौत हो चुकी है, जबकि शेष घायल हैं। घायलों को फलोदी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह हादसा जोधपुर-बीकानेर राजमार्ग पर मतोड़ा के पास हुआ, जो एक व्यस्त सड़क है। कोलायत मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां भाद्रपद मास के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मृतक परिवार कोलायत से दर्शन करके सूरसागर इलाके में अपने घर लौट रहे थे। सूरसागर जोधपुर शहर का एक प्रमुख वार्ड है, जहां ज्यादातर मध्यमवर्गीय परिवार रहते हैं। इस हादसे ने स्थानीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि टेंपो ट्रैवलर अचानक अनियंत्रित हो गया और ट्रक से टकराने के बाद वाहन के परखच्चे उड़ गए। धुंध और खराब मौसम की कोई बात नहीं थी, लेकिन सड़क पर ट्रक का अचानक रुकना ही मुख्य कारण लगा।

पुलिस ने मामले में टेंपो चालक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है, हालांकि चालक की भी मौत हो चुकी है। ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी कांवरिया ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और वाहनों की फिटनेस जांच सख्ती से होगी। यह हादसा राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को दर्शाता है। राज्य में प्रतिवर्ष हजारों लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में राजस्थान में 18 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 10 हजार से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। फलोदी जिला, जो रेगिस्तानी इलाका होने के कारण सड़कें लंबी और सीधी हैं, वहां तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति आम है।

मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें 45 वर्षीय रामलाल, उनकी पत्नी 40 वर्षीय कमला, उनका 15 वर्षीय बेटा राहुल, 12 वर्षीय बेटी रानी, 50 वर्षीय हरिया, 48 वर्षीय गंगा, उनका 20 वर्षीय बेटा मोहन, 18 वर्षीय बेटी सीता, 55 वर्षीय बाबूलाल, 52 वर्षीय सरिता, उनका 16 वर्षीय बेटा अजय, 14 वर्षीय बेटी मीरा, 60 वर्षीय चंदू, 58 वर्षीय लक्ष्मी और 22 वर्षीय युवक विक्रम शामिल हैं। सभी सूरसागर के विभिन्न मोहल्लों के निवासी थे। परिजनों को सूचना मिलते ही जोधपुर से बड़ी संख्या में लोग फलोड़ी पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए।

जोधपुर कलेक्टर ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भी ट्विटर पर संवेदना व्यक्त की और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करने का ऐलान किया। कोलायत मंदिर के पुजारी ने प्रार्थना सभा आयोजित करने की बात कही। सूरसागर में शाम को शोक सभा हुई, जहां सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजमार्गों पर पार्किंग बे बनाने और वाहनों में सीट बेल्ट अनिवार्य करने से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।

Also Click : Hardoi : हरदोई में धान खरीद केंद्रों पर 89 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow