Trending News: ओडिशा में इंजीनियर के घर से 2.1 करोड़ कैश बरामद, खिड़की से फेंकने लगा नोट।
ओडिशा के भुवनेश्वर में सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने ग्रामीण कार्य विभाग के चीफ इंजीनियर बैकुंठ नाथ सारंगी के घर पर छापेमारी की...
शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने ग्रामीण कार्य विभाग के चीफ इंजीनियर बैकुंठ नाथ सारंगी के घर पर छापेमारी की, जिसमें लगभग 2.1 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। इस छापेमारी के दौरान एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला, जब इंजीनियर ने सतर्कता अधिकारियों को देखकर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां खिड़की से बाहर फेंकना शुरू कर दिया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों और सरकारी अधिकारियों के पास अवैध संपत्ति के मामलों को उजागर करती है।
शुक्रवार को ओडिशा सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में चीफ इंजीनियर बैकुंठ नाथ सारंगी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विभाग ने भुवनेश्वर, अंगुल, और पुरी के पिपिली में सारंगी से जुड़े सात स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। भुवनेश्वर के फ्लैट नंबर सी-102, सेलटेक मेट्रो टावर में छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 1 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की। इस दौरान, सतर्कता अधिकारियों को देखते ही सारंगी ने 500 रुपये के नोटों की गड्डियां खिड़की से बाहर फेंकना शुरू कर दिया। गवाहों की मौजूदगी में इन नोटों को बरामद किया गया। इसके अलावा, अंगुल में उनके एक अन्य मकान से 1.1 करोड़ रुपये नकद और आभूषण बरामद हुए, जिससे कुल बरामद राशि 2.1 करोड़ रुपये हो गई।
सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में नकदी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए, जो सारंगी की अवैध संपत्ति और संभावित भ्रष्टाचार की गतिविधियों की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें नोटों की गड्डियां खिड़की से बाहर फेंकी जा रही थीं, जिसने जनता का ध्यान इस मामले की ओर और अधिक खींचा।
- बैकुंठ नाथ सारंगी कौन हैं?
बैकुंठ नाथ सारंगी ओडिशा के ग्रामीण कार्य विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। यह विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, पुलों, और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जिम्मेदार है। ऐसे विभागों में भ्रष्टाचार के मामले अक्सर सामने आते हैं, क्योंकि इनमें बड़े पैमाने पर सरकारी अनुबंध और निविदाएं शामिल होती हैं। सतर्कता विभाग को सूचना मिली थी कि सारंगी ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसके बाद यह छापेमारी की गई।
सारंगी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है, और उनकी संपत्तियों की जांच चल रही है। सतर्कता विभाग ने उनके बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेजों, और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच शुरू की है। यह मामला इस बात का संकेत देता है कि कैसे सरकारी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करके अवैध तरीके से धन अर्जित कर सकते हैं।
- छापेमारी का नाटकीय पहलू: खिड़की से नोट फेंकना
इस घटना का सबसे सनसनीखेज पहलू था सारंगी द्वारा नोटों की गड्डियां खिड़की से फेंकने की कोशिश। सतर्कता अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही छापेमारी शुरू हुई, सारंगी ने घबराहट में 500 रुपये के नोटों के बंडल अपने फ्लैट की खिड़की से बाहर फेंकना शुरू कर दिया। यह कदम संभवतः सबूतों को नष्ट करने या छुपाने की कोशिश थी। हालांकि, सतर्कता अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गवाहों की मौजूदगी में इन नोटों को बरामद कर लिया। इस घटना ने न केवल भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि ऐसे मामलों में आरोपी कितनी हताशा में सबूत मिटाने की कोशिश करते हैं।
इस घटना ने सोशल मीडिया, विशेष रूप से एक्स पर, व्यापक चर्चा को जन्म दिया। कई यूजर्स ने इसे भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण बताते हुए सरकारी तंत्र में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए। लिखा कि "ओडिशा में इंजीनियर के घर से 2 करोड़ कैश बरामद: विजिलेंस टीम को देखकर खिड़की से नोटों के बंडल फेंके," जिसे हजारों लोगों ने देखा और साझा किया। @PNRai1 ने लिखा, "एंटी करप्शन ब्यूरो ने बैकुंठ नाथ सारंगी के फ्लैट पर धावा बोला तो घर वालों ने नोटों की गड्डियां खिड़की से फेंकना शुरू कर दिया।" @mktyaggi ने सवाल उठाया, "जब पता है कि रिश्वत की कमाई कभी ना कभी पकड़ी जाएगी तो फिर यह लोग ऐसा करते ही क्यों हैं?"
ये प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा और निराशा दोनों मौजूद हैं। यह घटना भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाइयों का हिस्सा है। हाल के महीनों में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), और राज्य स्तरीय सतर्कता विभागों ने कई बड़े मामलों में छापेमारी की है। उदाहरण के लिए, मार्च 2025 में पटना में ईडी ने भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारणी दास के ठिकानों पर छापेमारी कर 11.64 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी। इसी तरह, जनवरी 2025 में मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस और ईडी ने सिपाही सौरभ शर्मा के ठिकानों से 25.87 करोड़ रुपये बरामद किए थे।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या बनी हुई है। विशेष रूप से, इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा विभागों में भ्रष्टाचार के मामले बार-बार सामने आ रहे हैं, क्योंकि इनमें बड़े अनुबंध और निविदाएं शामिल होती हैं। सतर्कता विभाग और अन्य एजेंसियों की सक्रियता से भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक अंकुश लग रहा है, लेकिन यह समस्या अभी भी जड़ों में गहरी है।
भ्रष्टाचार पर जनता का गुस्सा: इस तरह की घटनाएं जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्से को और भड़काती हैं। खासकर जब कोई सरकारी अधिकारी, जो समाज के विकास के लिए जिम्मेदार है, इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो यह जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाता है। कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई: सतर्कता विभाग ने बैकुंठ नाथ सारंगी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है, और उनकी गिरफ्तारी की संभावना है। इसके अलावा, उनकी संपत्तियों और बैंक खातों की गहन जांच से और भी खुलासे हो सकते हैं।
CPEC और सरकारी परियोजनाओं पर प्रभाव: ग्रामीण कार्य विभाग जैसी संस्थाएं महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी होती हैं। भ्रष्टाचार के ऐसे मामले इन परियोजनाओं की विश्वसनीयता और समयबद्धता पर सवाल उठाते हैं। सोशल मीडिया की भूमिका: इस घटना का वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं, जिसने भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरूकता को बढ़ाया। यह दर्शाता है कि डिजिटल युग में ऐसी घटनाएं छुप नहीं सकतीं और जनता की नजर में जल्दी आ जाती हैं।
बैकुंठ नाथ सारंगी के घर से 2.1 करोड़ रुपये की बरामदगी और खिड़की से नोट फेंकने की घटना न केवल एक सनसनीखेज खबर है, बल्कि भारत में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को भी उजागर करती है।
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