Trending: लग्जरी कार की मांग पूरी न होने पर बेटे ने की आत्महत्या, तेलंगाना के चटलापल्ली गांव में मजदूर पिता सदमे में
30 मई की रात को, सुधाकर ने अपने पिता से फिर से कार की मांग की, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से और निराशा में, सुधाकर ने घर के पास खेत में जाकर कीटनाश....
तेलंगाना : तेलंगाना के महबूबनगर जिले के चटलापल्ली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 22 वर्षीय युवक ने अपने मजदूर पिता द्वारा लग्जरी कार खरीदने से इनकार करने पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 30 मई 2025 को हुई और स्थानीय समुदाय में सदमे और चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सुधाकर (22) के रूप में हुई है, जो चटलापल्ली गांव के एक मजदूर परिवार से था। सुधाकर के पिता, रामुलु, एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो खेतों में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुधाकर लंबे समय से अपने पिता से एक लग्जरी कार, विशेष रूप से बीएमडब्ल्यू, खरीदने की मांग कर रहा था। इसके अलावा, वह एक आधुनिक मकान और अन्य महंगी सुविधाओं की भी मांग करता था, जो उसके पिता की आर्थिक स्थिति के लिए असंभव थी।
रामुलु ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर अपने बेटे की पढ़ाई पूरी कराई थी और हाल ही में उसकी मांग पर एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार भी खरीदी थी। हालांकि, सुधाकर इससे संतुष्ट नहीं था और बार-बार बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कार की जिद कर रहा था। रामुलु ने कहा, “मैं एक मजदूर हूं, मेरे पास इतने पैसे कहां से लाऊं? मैंने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना।”
30 मई की रात को, सुधाकर ने अपने पिता से फिर से कार की मांग की, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से और निराशा में, सुधाकर ने घर के पास खेत में जाकर कीटनाशक पी लिया। जब तक परिजनों को इसकी भनक लगी, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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महबूबनगर पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि सुधाकर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और कीटनाशक की बोतल को सबूत के तौर पर जब्त किया गया है। पुलिस ने परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की, जिन्होंने पुष्टि की कि सुधाकर अपनी मांगों को लेकर अक्सर अपने पिता से बहस करता था।
रामुलु और उनका परिवार इस घटना से गहरे सदमे में हैं। रामुलु ने कहा, “मैंने अपने बेटे के लिए सब कुछ किया, लेकिन वह हमारी मजबूरी नहीं समझा। अब मैंने उसे हमेशा के लिए खो दिया।” सुधाकर की मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है, और कई लोग रामुलु के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं।
यह घटना आधुनिक जीवनशैली और सामाजिक दबावों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि युवाओं में महंगी वस्तुओं और ऐशो-आराम की चाहत सोशल मीडिया और उपभोक्तावादी संस्कृति के प्रभाव के कारण बढ़ रही है। तेलंगाना में हाल के वर्षों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ी हैं, खासकर युवाओं में, जहां पारिवारिक अपेक्षाएं और आर्थिक सीमाएं टकराती हैं।
हाल ही में, तेलंगाना के संगरेड्डी जिले में एक अन्य घटना में एक पिता ने अपनी पत्नी के साथ विवाद के बाद अपने दो बच्चों की हत्या कर खुदकुशी कर ली थी। इन घटनाओं ने मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है। तेलंगाना सरकार ने आत्महत्या रोकथाम के लिए हेल्पलाइन (040–66202000, रोशनी) शुरू की है, और विशेषज्ञ परिवारों से अपील कर रहे हैं कि वे बच्चों के साथ खुलकर बात करें और उनकी मानसिक स्थिति पर ध्यान दें।
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