Lucknow: यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम को लगभग 300 मिलियन डॉलर की मदद प्रदान करेगा विश्व बैंक।

उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से विश्व बैंक, भारत सरकार और प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर नई दिल्ली

Mar 17, 2026 - 22:56
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Lucknow: यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम को लगभग 300 मिलियन डॉलर की मदद प्रदान करेगा विश्व बैंक।
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  • वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से विश्व बैंक और यूपी सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर
  • विश्व बैंक की यह पहल उत्तर प्रदेश को पर्यावरण-अनुकूल सतत विकास प्राप्त करने में मजबूती प्रदान करेगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से विश्व बैंक, भारत सरकार और प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन कार्यक्रम (यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम) को 299.66  मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान करेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिवहन, कृषि और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता और स्वच्छता के लिए एकीकृत समाधानों को बढ़ावा देना है, जिसका लाभ यूपी के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को ध्यान में रखते हुए विश्व बैंक के साथ इस एमओयू को साइन किया गया। एमओयू पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ वायु प्रबंधन प्राधिकरण की सीईओ एवं वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव बी. चंद्रकला,  भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और विश्व बैंक की ओर से भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। आर्थिक विकास, उत्पादकता और पर्यावरणीय संतुलन एक-दूसरे के पूरक हैं। इस कार्यक्रम से समृद्धि केवल जीडीपी से नहीं, बल्कि स्वच्छ आकाश, स्वस्थ नागरिकों और सतत एवं स्थायी पर्यावरण से मापी जाएगी।

विश्व बैंक के भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी का कहना है कि यह कार्यक्रम प्रदेश में परिवहन और एमएसएमई क्षेत्रों में लगभग 150 मिलियन डॉलर की निजी पूंजी का लाभ प्रदान करेगा। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों और तीन-पहिया वाहनों में निवेश, उद्योगों में उत्सर्जन निगरानी प्रणालियों और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के प्रयोग से फर्मों की उत्पादकता में सुधार करने में मदद करेगा।
 यह कार्यक्रम प्रदेश के 3.9 मिलियन घरों को स्वच्छ खाना पकाने की सुविधा, 700 से अधिक ईंट भट्ठों को संसाधन-कुशल प्रौद्योगिकी को अपनाने में सहायता प्रदान करेगा। साथ ही किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कुशल उर्वरक के प्रयोग को प्रेरित करेगा। यह कार्यक्रम विश्व बैंक के इंडो-गंगा मैदान और हिमालयी तलहटी क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी परिपक्वता अवधि 10 वर्ष है। विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल प्रदेश को वायु प्रदूषण से निपटने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल सतत विकास की दिशा में भी मजबूती प्रदान करेगी।

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