फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट में 300 फीट का फ्री फॉल, 24 लोग घायल, सामने आए चौंकाने वाले दावे, सामने लाने वाले शख्स...
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस से विमान 300 फीट नीचे गिरा। जयपुर के परिवार समेत 24 घायल। पायलट पर लगे गंभीर आरोपों से जांच तेज।
- एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस, 300 फीट नीचे गिरा विमान; 24 घायल
- Phuket to Delhi Flight Turbulence: एयर इंडिया विमान में 300 फीट का झटका, पायलट पर लगे गंभीर आरोप
- एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस: विमान 300 फीट नीचे गिरा, 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स घायल
फुकेट से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर आ रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान आसमान में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब विमान भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इस दौरान विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे की तरफ गिर गया, जिससे ऑन-बोर्ड मौजूद जयपुर के एक परिवार के सदस्यों समेत कुल 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स चोटिल हो गए। घटना के तुरंत बाद घायल यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। वहीं, इस पूरे मामले में जयपुर निवासी श्रीकांत झा द्वारा पायलट पर गांजा (मादक पदार्थ) के सेवन से जुड़े बेहद गंभीर दावे और आरोप सामने लाए जाने के बाद उड्डयन जगत में हड़कंप मच गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और संबंधित एजेंसियां इन आरोपों तथा घटनाक्रम की विस्तृत तकनीकी जांच में जुट गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग पर फुकेट (थाईलैंड) से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की वाणिज्यिक उड़ान के दौरान हवा में अचानक तीव्र हलचल और अशांति (टर्बुलेंस) दर्ज की गई। विमान जब मध्य-आकाश में अपनी सामान्य ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी अचानक उसे ऐसा झटका लगा कि वह लगभग 300 फीट नीचे की ओर गिर गया। विमान में अचानक आए इस फ्री-फॉल जैसी स्थिति से केबिन के भीतर रखे सामान बिखर गए और सीट बेल्ट न बांधे हुए या शौचालय के पास खड़े कई यात्री छत व सीटों से टकराकर चोटिल हो गए।
इस घटना में कुल 24 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 20 यात्री और 4 केबिन क्रू के सदस्य शामिल हैं। घायलों में जयपुर का एक परिवार भी शामिल है, जो यात्रा कर भारत लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे से विमान के भीतर यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
विमान ने फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यात्रा के एक चरण में जैसे ही विमान वायुमंडलीय हलचल के क्षेत्र में प्रवेश हुआ, टर्बुलेंस काफी उग्र हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, विमान अचानक झटके के साथ नीचे की ओर गहराई में आ गिरा। सीट बेल्ट बंद न होने के कारण कुछ यात्री सीट से उछलकर केबिन की छत से टकरा गए, जिससे उन्हें सिर, गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आईं। केबिन क्रू के चार सदस्य भी यात्रियों को संभालते समय स्वयं संतुलन खो बैठे और घायल हो गए।
विमान को सुरक्षित रूप से गंतव्य पर उतारे जाने के बाद घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई। हालांकि, मामला केवल तकनीकी हलचल या मौसम संबंधी टर्बुलेंस तक ही सीमित नहीं रहा। जयपुर निवासी यात्री श्रीकांत झा ने इस पूरी घटना के बाद सार्वजनिक रूप से पायलट की स्थिति और आचरण पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने यह सनसनीखेज आरोप लगाया कि क्रू/पायलट से जुड़े स्तर पर गांजा लेने जैसी गंभीर लापरवाही हुई थी, जिसके कारण विमान संचालन के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई या उसे सही तरीके से नियंत्रित करने में चूक हुई।
इस गंभीर घटना और उसके बाद लगाए गए आरोपों के सामने आने पर विमानन क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। जयपुर के निवासी श्रीकांत झा ने मीडिया और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए जांच की मांग की है। पीड़ित यात्रियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
दूसरी ओर, एयरलाइन प्रबंधन और नागरिक उड्डयन प्राधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। आधिकारिक नियमों के अनुसार, किसी भी क्रू मेंबर पर लगे ऐसे गंभीर आरोपों की पुष्टि केवल मेडिकल टेस्ट, टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) की जांच के बाद ही की जा सकती है। एयरलाइन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हवा में 300 फीट अचानक विमान गिरने की इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्री सुरक्षा और क्रू अनुशासन के प्रोटोकॉल पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। टर्बुलेंस की घटनाओं में हाल के दिनों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
साथ ही, उड़ान से पूर्व और उड़ान के दौरान पायलटों व क्रू मेंबर्स की मेडिकल फिटनेस (फ्लाइट पूर्व अल्कोहल व ड्रग टेस्ट) को सख्त करने की मांग फिर उठने लगी है। इस घटना से एयरलाइन ब्रांड की साख और परिचालन मानकों पर सार्वजनिक बहस छिड़ गई है।
फिलहाल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरलाइन की आंतरिक सुरक्षा समिति इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां दो मुख्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं: पहला, मौसम या तकनीकी कारणों से हुए टर्बुलेंस का स्तर और दूसरा, यात्री श्रीकांत झा द्वारा लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक व चिकित्सीय सत्यता। यदि जांच में किसी भी क्रू मेंबर या पायलट की ओर से लापरवाही या मादक पदार्थों के सेवन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तब तक के लिए सभी तकनीकी रिपोर्ट्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।
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