Delhi News: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आईआईएसी में किया वृक्षारोपण, अभियान का किया नेतृत्व

विशेष अभियान 6 और स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 के तहत, विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग ने गांधी

By INA News Desk
Oct 2, 2026 - 11:21
6 Views
Delhi News: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आईआईएसी में किया वृक्षारोपण, अभियान का किया नेतृत्व

Delhi: विशेष अभियान 6 और स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 के तहत, विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर 01-अक्टूबर-2026 को नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित इंडिया इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (आईआईएसी) में “एक पेड़ माँ के नाम” थीम के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया।

वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य में (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने किया। इस कार्यक्रम में विधायी विभाग और विधि कार्य विभाग के सचिव तथा आईआईएसी के अध्यक्ष डॉ. राजीव मणि के साथ विभाग और आईआईएसी के वरिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया। मंत्री, विधि सचिव एवं आईआईएसी के अध्यक्ष तथा विभाग और आईआईएसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने आईआईएसी परिसर में वृक्षारोपण किया।

महात्मा गांधी के चंपारण के अनुभव को याद करते हुए मंत्री  अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “सच्ची स्वच्छता मन से शुरू होती है।” उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री मेघवाल ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने तक सीमित नहीं है; इसकी शुरुआत स्वच्छ मन, शुद्ध विचार और समाज के प्रति कर्तव्य की भावना से होनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता ही सेवा एक जन आंदोलन है, जिसमें हरेक व्यक्ति की भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर, महात्मा गांधी की जयंती, राष्ट्र को याद दिलाती है कि स्वच्छता, अनुशासन और सेवा एक स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर भारत के बापू के विजन के अभिन्न अंग थे। 1917 में महात्मा गांधी के चंपारण प्रवास को याद करते हुए माननीय मंत्री मेघवाल ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि किस प्रकार गांधी जी ने स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रयासों की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर एक व्यापक जन आंदोलन का हिस्सा बने और नील किसानों की समस्याओं के समाधान में योगदान दिया।

केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि चंपारण से मिला यह संदेश आज भी प्रासंगिक है: स्वच्छता सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और साझा जिम्मेदारी का मिशन है। मेघवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों से आईआईएसी वैश्विक स्तर पर एक कुशल और विश्वसनीय मध्यस्थता केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में पारदर्शिता, अनुशासन और सेवा के वही मूल्य दिखने चाहिए जो 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान में दिखते हैं।

विधायी विभाग एवं विधि कार्य विभाग के सचिव तथा आईआईएसी के अध्यक्ष डॉ. राजीव मणि ने कहा कि स्वच्छता के दो आयाम हैं—हमारे आसपास के वातावरण की स्वच्छता और मन की स्वच्छता—और एक के बिना दूसरा अधूरा है। उन्होंने आईआईएसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थानों का यह दायित्व है कि वे सतत प्रथाओं को अपनाएं और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों में सार्थक योगदान दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि आईआईएसी स्वयं को एक वैश्विक, कुशल और विश्वसनीय संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए भारत को एक पसंदीदा स्थल बनाने में योगदान दे रहा है।

आईआईएसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नवीन कुमार सिंह ने कार्यक्रम में भाग लेने के लिए माननीय मंत्री, सचिव तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत प्रथाओं के प्रति आईआईएसी की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम का समापन स्वच्छता अभियानों को जारी रखने और अधिक हरित एवं सतत पर्यावरण को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।

Also Read- जमुई छेड़छाड़ कांड पर मंत्री श्रवण कुमार की दो टूक: 'घटना दुखद, लेकिन यह छिटपुट मामला; दोषियों को किसी हाल में नहीं बख्शेंगे

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow