BSP-AIMIM गठबंधन से यूपी में लिखी जाएगी नई राजनीतिक इबारत, डिप्टी सीएम पद पर भी दावा
सम्भल: उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुजन समाज पार्टी (BSP) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुजन समाज पार्टी (BSP) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभल में AIMIM के जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाएं मौजूद हैं और यदि यह गठबंधन होता है तो प्रदेश की राजनीति में नई इबारत लिखी जाएगी।
असद अब्दुल्ला ने कहा कि AIMIM आगामी विधानसभा चुनाव में सम्भल और असमोली सीट पर पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा सम्भल जिला विकास से वंचित है। उन्होंने कहा कि जिले में न बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, न रोडवेज, न मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें भी बदहाल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विकास को मुख्य मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी। असमोली विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी रहती है, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में गंदगी, टूटी सड़कें और उपेक्षा की स्थिति बनी हुई है। INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए AIMIM जिलाध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने उनकी पार्टी और आजाद समाज पार्टी को नजरअंदाज किया है। उनके मुताबिक INDIA गठबंधन मुस्लिम नेतृत्व को आगे नहीं बढ़ाना चाहता, इसलिए AIMIM को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। संभावित BSP-AIMIM गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि यदि दोनों दल साथ आते हैं तो भाजपा की हार तय होगी और बेहतर चुनावी परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में मुस्लिम आबादी लगभग 20 प्रतिशत है, इसलिए गठबंधन की स्थिति में AIMIM को उपमुख्यमंत्री पद पर दावेदारी करनी चाहिए। हालांकि सीटों के बंटवारे और गठबंधन की अंतिम रूपरेखा पर फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
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