Black Dollar Scam: केमिकल से नोट बदलने और पैसा डबल करने का खेल, खंडाला के रिसॉर्ट से 4 करोड़ नकदी समेत 7 दबोचे गए
छत्तीसगढ़ पुलिस ने काले नोटों को केमिकल से नए नोट में बदलने का झांसा देने वाले गिरोह को खंडाला रिसॉर्ट से पकड़ा। ₹4 करोड़ नकद व उपकरण जब्त, 7 गिरफ्तार।
- काले नोट चमकाने और रकम दोगुनी करने का झांसा देने वाला गिरोह बेनकाब, ₹4 करोड़ कैश के साथ 7 गिरफ्तार
- केमिकल से 'काले नोट' नए करने का झांसा: खंडाला रिसॉर्ट से ₹4 करोड़ कैश के साथ अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया
- बड़ा पर्दाफाश: काले नोटों को केमिकल से असली बनाने का लालच देने वाले गिरोह के 7 सदस्य 4 करोड़ कैश के साथ गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ पुलिस ने काले और खराब नोटों को विशेष रासायनिक प्रक्रिया से असली नोटों में बदलने तथा निवेश की गई रकम को दोगुना करने का झांसा देने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष जांच टीम ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खंडाला स्थित एक निजी रिसॉर्ट में गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित छापेमारी करते हुए गिरोह के सात संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लिया। मौके से चार करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी, सत्रह मोबाइल फोन, नोटों के आकार के काले कागज और रासायनिक धुलाई में प्रयुक्त होने वाली कांच की प्लेटें व अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
अंतरराज्यीय स्तर पर भोले-भाले कारोबारियों और निवेशकों को त्वरित धनलाभ का लालच देकर ठगने वाले एक गिरोह की आपराधिक गतिविधियों का खुलासा हुआ है। यह गिरोह काले रंग के विशेष कागजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवमूल्यित नोट बताकर उन्हें केमिकल के माध्यम से सामान्य भारतीय या विदेशी मुद्रा में बदलने का झांसा देता था। इसके अलावा वे कम समय में पूंजी को दोगुना करने का सब्जबाग दिखाकर लोगों से भारी रकम ऐंठते थे।
छत्तीसगढ़ पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों के संबंध में पुख्ता गोपनीय इनपुट प्राप्त हुए थे। तकनीकी साक्ष्यों और सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पाया कि गिरोह के सदस्य महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित हिल स्टेशन खंडाला के एक लक्जरी रिसॉर्ट में गुप्त ठिकाना बनाकर बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के खंडाला स्थित संबंधित रिसॉर्ट की घेराबंदी कर अचानक दबिश दी। छापेमारी के दौरान कमरे में मौजूद सात व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। तलाशी अभियान में पुलिस टीम को चार करोड़ रुपये से अधिक की नकद धनराशि मिली, जिसके संबंध में आरोपी कोई वैधानिक दस्तावेज या आय का वैध स्रोत प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके अतिरिक्त कमरे से 17 स्मार्टफोन, नोट के आकार में कटे हुए काले रंग के कागज के बंडल, रासायनिक पदार्थ और केमिकल कोटिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विशेष प्रकार की कांच की प्लेटें बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले कुछ असली नोटों पर काला रंग चढ़ाकर रखते थे और पीड़ितों के सामने रासायनिक घोल से उसे साफ करके असली नोट के रूप में प्रदर्शित करते थे। इस नाटकीय प्रदर्शन के जरिए वे लोगों को विश्वास में लेते थे कि उनके पास भारी मात्रा में ऐसा धन मौजूद है जिसे केमिकल से नए नोटों में बदला जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह गिरोह 'ब्लैक डॉलर' अथवा 'केमिकल नोट वॉशिंग' तकनीक की तर्ज पर बड़े पैमाने पर ठगी की साजिश रच रहा था। अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों से अंतरराज्यीय कड़ियों, पीड़ितों की संख्या और अवैध वित्तीय लेन-देन के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि बरामद नकदी की गिनती और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं तथा आयकर विभाग और अन्य संबंधित वित्तीय जांच एजेंसियों को भी इस भारी नकदी बरामदगी की सूचना दी जा रही है ताकि अवैध धन के स्रोतों की अलग से वित्तीय जांच कराई जा सके।
इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के पकड़े जाने से कई संभावित निवेशकों और व्यापारियों को करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया है। इस तरह के वित्तीय घोटालों में अक्सर सफेदपोश कारोबारी लालच में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता और व्यवसायियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के 'पैसा डबल करने' या जादुई रासायनिक प्रक्रिया से नोट तैयार करने जैसे भ्रामक और गैरकानूनी दावों के झांसे में न आएं। यह अभियान यह भी दर्शाता है कि राज्यों के बीच बेहतर पुलिस समन्वय से सीमाओं के पार छिपे संगठित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
गिरफ्तार किए गए सभी सातों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच टीम अब जब्त किए गए 17 मोबाइल फोनों के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य राज्यों में फैले संपर्कों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि पूर्व में इस गिरोह द्वारा किन-किन लोगों से ठगी की जा चुकी है।
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