Yogi Adityanath in Gorakhpur: 'यूपी में पहले भी था सामर्थ्य, पर नेतृत्व में नहीं थी इच्छाशक्ति', बाल मेला समारोह में बोले सीएम योगी
गोरखपुर में बाल मेला सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से उबरकर अब देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। अगले हफ्ते 500 खिलाड़ियों की भर्ती की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के पास प्राकृतिक संसाधन, उपजाऊ भूमि और युवाओं का सामर्थ्य पहले भी मौजूद था, लेकिन 2017 से पूर्व सत्ता में रहे नेतृत्व के पास राज्य के विकास को लेकर कोई स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। इसी का दुष्परिणाम था कि देश का सबसे बड़ा राज्य दशकों तक 'बीमारू' और बदनाम प्रदेश बनकर रह गया था। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े नौ वर्षों में सरकार के निरंतर प्रयासों और साहसिक प्रशासनिक सुधारों का ही सुपरिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश अपनी पुरानी छवि को पीछे छोड़कर देश की अर्थव्यवस्था का सबसे तेज दौड़ने वाला 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखपुर स्थित दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में एक प्रमुख मीडिया समूह द्वारा आयोजित 'बाल मेला सम्मान समारोह' को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह के दौरान उन्होंने ग्रेटर नोएडा में चल रहे चौथे 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS-2026) का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया के 90 से अधिक देशों के खरीदार उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता देख रहे हैं। रविवार को ट्रेड शो में 1.5 लाख से अधिक लोग पहुंचे और सोमवार को भी व्यापक जनसैलाब उमड़ा, जिसमें गोरखपुर के पारंपरिक टेराकोटा शिल्प समेत प्रदेश के विभिन्न अंचलों के उत्पादों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नियुक्तियों से बदला परसेप्शन
अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले जब उत्तर प्रदेश का नाम लिया जाता था, तो दूसरे राज्यों के लोग चौंक जाते थे। प्रदेश में पहचान का ऐसा गंभीर संकट था कि यहां के प्रतिभाशाली युवाओं को बाहर नौकरी तक मिलने में संकोच होता था। आए दिन होने वाले दंगे और कर्फ्यू राज्य की पहचान बन चुके थे।
उन्होंने कहा, "जब हमारी सरकार सत्ता में आई तो पुलिस महकमे में दो लाख से अधिक पद रिक्त पड़े थे। बिना पर्याप्त पुलिस बल के कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना असंभव था। हमने भर्ती प्रक्रियाओं की शुचिता और विश्वसनीयता बहाल की। पिछले साढ़े नौ वर्षों में पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां दी गई हैं, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश पुलिस में 2 लाख 30 हजार भर्तियां शामिल हैं।"
अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी, स्टार्टअप्स में भारी उछाल
मुख्यमंत्री ने आर्थिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि कर्फ्यू और दंगों से मुक्ति मिलते ही प्रदेश ने विकास की नई उड़ान भरी है। विगत साढ़े नौ वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार तीन गुना बढ़ चुका है और राज्य के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में भी तिगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि जहां 2017 से पहले पूरे प्रदेश में केवल 130 स्टार्टअप्स पंजीकृत थे, वहीं आज अनुकूल नीतियों और इनक्यूबेशन केंद्रों की मदद से इनकी संख्या 24 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से खड़ा है।
500 पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सीधी सरकारी भर्ती अगले सप्ताह
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को न केवल करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कार से नवाज रही है, बल्कि उन्हें राजपत्रित पदों पर सीधी सरकारी नौकरी भी प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की, "अब तक खेल कोटे के तहत 550 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में सीधी नियुक्ति दी जा चुकी है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अगले सप्ताह 500 और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए सीधी सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विधिवत शुरुआत की जाएगी।"
'एआई कार्य सरल कर सकता है, लेकिन प्रश्न पूछना नहीं सिखा सकता'
तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों को जीवन में मानवीय सोच और जिज्ञासा बनाए रखने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज हर जगह एआई की चर्चा है। एआई जटिल गणनाओं और कार्यों को सरल कर सकता है, पूछे गए प्रश्नों के त्वरित उत्तर दे सकता है, लेकिन वह मनुष्य को प्रश्न करना नहीं सिखा सकता। प्रश्न पूछने की क्षमता केवल मानवीय बुद्धि और जिज्ञासा से ही जन्म लेती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महान कवि सोहनलाल द्विवेदी की प्रसिद्ध पंक्तियां "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती" सुनाते हुए पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का प्रेरक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम फाइटर पायलट की परीक्षा में असफल हो गए थे, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं खोया और निरंतर कठिन परिश्रम से देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' और राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।
समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी नागरिकों और छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के कड़े पालन और नशामुक्त समाज निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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