पेपर लीक मामलों में तुरंत सजा: यूपी में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन पर बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होगा
यूपी में पेपर लीक के मामलों में त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त और त्वरित सजा।
उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पेपर लीक से जुड़े मामलों के जल्द निस्तारण और दोषियों को तेजी से सजा दिलाने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं की प्रतिभा का सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा और प्रभावी प्रहार साबित होगी। इस व्यवस्था के लागू होने से ऐसे गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्दी और कठोर कानूनी सजा सुनिश्चित कराई जा सकेगी। इससे सरकारी भर्ती परीक्षाओं की साख, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और ज्यादा बल मिलेगा।
उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार किसी भी सूरत में परीक्षार्थियों की मेहनत और उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है। मेहनत करने वाले छात्रों की प्रतिभा के साथ न्याय करना और परिश्रम को सही सम्मान देना ही नए भारत की पहचान है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में होने वाली प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी माहौल में हो।
अपने बयान में उन्होंने जोर दिया कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कानून अपनी पूरी सख्ती के साथ काम करेगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया शुरू होने से मुकदमों का निपटारा तेजी से होगा, जिससे युवाओं का न्याय व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और अधिक गहरा होगा।
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