Muzaffarnagar: पूर्व विधायक शाहनवाज की कंपनी से जुड़े कथित फर्जी ITC मामले में कार्रवाई, कई लोहा कारोबारी जांच के दायरे में
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने मुजफ्फरनगर में एक साथ कई स्थानों पर छापामार
मुजफ्फरनगर। सोमवार की अलसुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने मुजफ्फरनगर में एक साथ कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई शुरू कर दी। पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़ी कंपनी में कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम और करीब 20 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही जिले के कारोबारी और विशेष रूप से लोहा एवं स्टील कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ गई।
ईडी की टीमों ने सूजडू स्थित राणा हाउस, मेरठ रोड स्थित पूर्व विधायक शाहनवाज राणा तथा उनके चाचा पूर्व विधायक एवं रालोद नेता नूरसलीम राणा के आवास, प्रेमपुरी स्थित स्टील फैक्ट्री कारोबारी संजय जैन के आवास, द्वारिकापुरी और नई मंडी स्थित पूर्व चेयरमैन अनिल तायल के परिसरों सहित कई स्थानों पर जांच शुरू की।
इसके अलावा सूजडू चुंगी स्थित शाहनवाज राणा की कंपनी जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड के मुख्य कार्यालय पर भी ईडी की कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही ईडी की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। खबर मिली है कि बालाजी रोलिंग मिल के मालिक आकाश कुमार के द्वारिका सिटी स्थित आवास और शाहनवाज राणा के चार्टर्ड अकाउंटेंट विराज चौधरी के नई मंडी स्थित आवास को भी ईडी अधिकारियों के द्वारा फोर्स के साथ कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
बताया जा रहा है कि ईडी की जांच का एक प्रमुख पहलू उन कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों से जुड़ा है, जिन्होंने कथित तौर पर जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से माल की खरीद की थी। इसी क्रम में लोहा और सरिया उद्योग से जुड़े कुछ कारोबारी भी जांच के दायरे में आए हैं। हालांकि, कार्रवाई में किन-किन दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या अन्य सामग्री की जांच की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ईडी की इस कार्रवाई से जिले के लोहा उद्योग से जुड़े उद्यमियों और व्यापारियों में भी चर्चा तेज हो गई है। जिन कारोबारियों के पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से कारोबारी संबंध रहे हैं, उनमें भी कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल है। हालांकि, किसी व्यक्ति या कारोबारी की भूमिका को लेकर अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक आरोप या निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
छापामार कार्रवाई के दौरान ईडी की टीमें संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। कार्रवाई कितने स्थानों पर की गई है और जांच के दौरान क्या-क्या बरामद या जब्त किया गया है, इसकी पूरी जानकारी ईडी की आधिकारिक कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ईडी की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लखनऊ जोनल कार्यालय के अधिकारियों ने केवल इतनी ब्रीफिंग दी है कि सोमवार को यूपी के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद तथा हरियाणा के फरिदाबाद में नौ ठिकानों पर एक साथ ईडी की टीमों ने छापामार कार्रवाई की है।
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