GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होंगे गेट 2027 के आवेदन, इस बार डिजिलॉकर अकाउंट अनिवार्य; देखें पूरा प्रोसेस
GATE 2027 Registration: गेट 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन 27 अगस्त से शुरू हो रहे हैं। इस सत्र से अभ्यर्थियों के लिए डिजिलॉकर अकाउंट अनिवार्य कर दिया गया है।
- गेट 2027 के लिए 27 अगस्त से रजिस्ट्रेशन शुरू: ऑनलाइन फॉर्म भरने के नियमों में बड़ा बदलाव, डिजिलॉकर से होगा वेरिफिकेशन
- GATE 2027 के लिए आवेदन 27 अगस्त से: इस बार बदल गया नियम, फॉर्म भरने से पहले डिजिलॉकर पर अकाउंट बनाना जरूरी
- GATE 2027: गेट परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 27 अगस्त से होंगे शुरू, आवेदन के लिए डिजिलॉकर अनिवार्य
इंजीनियरिंग और विज्ञान संकाय के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी गेट 2027 (GATE 2027) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू होने जा रही है। देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में भर्ती के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के नियमों में इस वर्ष एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। परीक्षा आयोजन समिति ने इस सत्र से सभी अभ्यर्थियों के लिए डिजिलॉकर (DigiLocker) खाता अनिवार्य कर दिया है। उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से पहले अपने शैक्षणिक और पहचान से जुड़े दस्तावेजों के त्वरित और सुरक्षित सत्यापन के लिए डिजिलॉकर व्यवस्था से गुजरना होगा, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सकेगी।
देशभर के इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और साइंस के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली गेट 2027 परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी 27 अगस्त से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इस बार की आवेदन प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों की पहचान और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए डिजिलॉकर इंटीग्रेशन को आवश्यक बना दिया गया है। जिन उम्मीदवारों के पास पहले से सक्रिय डिजिलॉकर अकाउंट नहीं है, उन्हें आवेदन करने से पहले इस सरकारी प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल तैयार करनी होगी।
गेट परीक्षा समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक 27 अगस्त को ऑनलाइन एप्लीकेशन पोर्टल लाइव कर दिया जाएगा। उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि तक बिना विलंब शुल्क के अपना फॉर्म जमा कर सकेंगे, जिसके बाद एक निश्चित अवधि के लिए लेट फीस के साथ विंडो खुली रखी जाएगी। फॉर्म भरने के दौरान छात्रों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा शहर के विकल्प और विषय कोड का चयन करना होगा।
इस वर्ष पेश की गई डिजिलॉकर अनिवार्यता का उद्देश्य फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और तेज बनाना है। डिजिलॉकर के जरिए अभ्यर्थी अपनी 10वीं, 12वीं, स्नातक की मार्कशीट और आधिकारिक पहचान पत्र सीधे डिजिटल रूप से सत्यापित करा सकेंगे। इससे न केवल गलत या फर्जी दस्तावेजों के अपलोड होने की संभावना पूरी तरह समाप्त होगी, बल्कि फॉर्म भरते समय छात्रों द्वारा स्पेलिंग या जन्मतिथि में होने वाली मानवीय गलतियों पर भी स्वतः अंकुश लगेगा। जिन छात्रों का मोबाइल नंबर उनके आधिकारिक पहचान रिकॉर्ड से जुड़ा है, वे कुछ ही मिनटों में डिजिलॉकर के माध्यम से अपना सत्यापन पूरा करके गेट पोर्टल पर पंजीकरण आगे बढ़ा सकेंगे।
शिक्षाविदों और परीक्षा विशेषज्ञों ने इस तकनीकी बदलाव का स्वागत किया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में डिजिलॉकर की अनिवार्यता से स्क्रूटनी का समय काफी घट जाएगा और गलत विवरण दर्ज होने के कारण खारिज होने वाले आवेदनों की संख्या में बड़ी कमी आएगी। वहीं कोचिंग संस्थानों और करियर सलाहकारों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे 27 अगस्त को पोर्टल खुलने से पहले ही अपने डिजिलॉकर अकाउंट को सक्रिय कर लें और सुनिश्चित करें कि उनके नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि का विवरण सभी पहचान दस्तावेजों में एक समान हो। कई छात्र संगठनों ने भी इस फैसले को पारदर्शी बताया है, हालांकि दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए शुरुआती तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
उम्मीदवारों को निर्देश दिया गया है कि वे समय रहते आवश्यक तकनीकी तैयारी पूरी रखें। 27 अगस्त को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थी पोर्टल पर जाकर अपनी लॉगिन आईडी जनरेट कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के उपरांत परीक्षा संचालन समिति द्वारा एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और परीक्षा का आयोजन फरवरी माह के निर्धारित सप्ताहांतों में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत लिंक के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। डिजिलॉकर के अनिवार्य होने से गेट 2027 की पूरी प्रवेश और भर्ती प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी। फॉर्म भरने के बाद संस्थानों और पीएसयू को काउंसलिंग या नियुक्ति के समय अलग से कागजी दस्तावेजों के लंबे सत्यापन चक्र से नहीं गुजरना पड़ेगा। उम्मीदवारों के लिए भी फॉर्म भरते समय बड़े साइज की फाइलों को स्कैन करके बार-बार अपलोड करने का झंझट खत्म होगा, क्योंकि सीधे डिजिटल लॉकर से प्रामाणिक डेटा एक्सेस हो जाएगा। इससे प्रवेश परीक्षा प्रबंधन में दक्षता आएगी और एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी बिना किसी तकनीकी रुकावट के समय पर पूरी की जा सकेगी।
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