BBAU Lucknow: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में 'डेल कैंपस क्वेस्ट' का आयोजन, छात्रों ने सीखा AI और गेमिंग का हुनर
लखनऊ के बीबीएयू में डेल कैंपस क्वेस्ट का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक अनुभव और गेमिंग का मंच मिला।
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) में डेल कैंपस क्वेस्ट का आयोजन उत्साहजनक माहौल के बीच संपन्न हुआ। डेल टेक्नोलॉजीज, ई-स्पोर्ट्स क्लब, नवकल्पना सेल और प्रनत इवेंट्स के सहयोग से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग व संगणक विज्ञान विभाग द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। दो दिवसीय इस आयोजन में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला और एक गेमिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राज कुमार मित्तल ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है। हमारे युवाओं के पास अपार क्षमता, ऊर्जा और सपने हैं। यदि इन सपनों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और सही दिशा के साथ जोड़ा जाए, तो एक मजबूत भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे बड़ी सोच रखें, नई तकनीकों को सीखें और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा राष्ट्र निर्माण में करें। उन्होंने कार्यशाला में सीखी गई बातों को केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन व परियोजनाओं में लागू करने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद युग्नायूर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य शुक्ला ने कहा कि युवाओं को केवल तकनीक का उपयोगकर्ता बनने के बजाय उसके पीछे के विज्ञान को समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि गेमिंग का विकास कैसे होता है, डेटा फैसलों को किस तरह प्रभावित करता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे किसी विचार को व्यावहारिक समाधान में बदल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने मानसिक विकास के लिए तकनीक और गेमिंग का सकारात्मक उपयोग करें।
इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रोफेसर शिल्पी वर्मा, सतर्कता अधिकारी प्रोफेसर आर ए खान, नवकल्पना प्रमुख प्रोफेसर नवीन अरोड़ा, नवकल्पना प्रबंधक प्रोफेसर मनोज जोशी और सलाहकार के के पाण्डेय विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सह आचार्य डॉ. अल्का, डॉ. मनोज कुमार डडवाल और इनक्यूबेशन मैनेजर मधुलिका सिंह का सराहनीय योगदान रहा। कार्यशाला का आयोजन संगणक विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर दीपाराज और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर राजश्री पांडे के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि मुख्य समन्वय की जिम्मेदारी छात्र आयोजक समर्थ प्रताप सिंह ने संभाली।
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