Hardoi : हरदोई के गांधी भवन में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला और कृषक मेले का आयोजन, पांच सौ से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा

गौ आधारित प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसमें रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता, जिससे पर्यावरण और सेहत को नुकसान से बचाया जा सकता है. हरदोई में गंगा नदी के किनारे बसे चार विकासखंडों बिलग्राम, माधौगंज, मल्ला

Jun 18, 2026 - 23:38
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Hardoi : हरदोई के गांधी भवन में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला और कृषक मेले का आयोजन, पांच सौ से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा
Hardoi : हरदोई के गांधी भवन में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला और कृषक मेले का आयोजन, पांच सौ से अधिक किसानों ने लिया हिस्सा

हरदोई के गांधी भवन में विकसित भारत कृषि संकल्प एवं खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक खेती पर एक कार्यशाला, खरीफ उत्पादकता गोष्ठी और नेशनल मिशन ऑन एडिबुल ऑयल के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक मेले का आयोजन किया गया.

इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती और भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने किया.

इस मौके पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अतिथियों ने जिला परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण अशोक कुमार मौर्या, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी सतीश चन्द्र पाठक, कृषि रक्षा अधिकारी इन्द्रजीत यादव और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम प्रकाश के साथ अवलोकन किया.

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 8,33,289 लाभार्थी किसानों के खातों में 22वीं किस्त लगातार भेजी जा रही है.

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने पर 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है, जिसके माध्यम से जिले में अब तक 1,956 सोलर पंप लगाए जा चुके हैं.

मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखने के लिए वर्ष 2025-26 में 38,000 किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे गए हैं. इसके अलावा नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 2,500 किसानों को प्राकृतिक खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

गौ आधारित प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसमें रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता, जिससे पर्यावरण और सेहत को नुकसान से बचाया जा सकता है.

हरदोई में गंगा नदी के किनारे बसे चार विकासखंडों बिलग्राम, माधौगंज, मल्लावां और साण्डी में ऐसी खेती के लिए 50-50 हेक्टेयर के 20 क्लस्टर बनाकर कुल 1,000 हेक्टेयर जमीन चुनी गई है.

इसमें प्रत्येक क्लस्टर से 125 किसानों को जोड़कर कुल 2,500 किसान गाय के गोबर और मूत्र से जैविक खाद व कीटनाशक बनाकर पारंपरिक व स्थायी तरीके से खेती कर रहे हैं. कृषि सखियों द्वारा किसानों को समय-समय पर बीजामृत, घनजीवामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, अग्निअस्त्र और ब्रह्मास्त्र बनाने का तरीका सिखाया जा रहा है.

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों अवधेश कुमार तिवारी और पंकज नौटियाल ने किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और विभिन्न जैविक खाद व कीटनाशक बनाने की विधियों के बारे में समझाया.

प्रदर्शनी में विकासखंड मल्लावां की कृषि सखी वंदना सिंह और नरगिस बानो ने जीवामृत बनाने का सजीव प्रदर्शन भी किया.

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने प्राकृतिक खेती करने वाले 5 किसानों, कृषि यंत्रीकरण का लाभ पाने वाले 3 किसानों और 10 किसानों को मिनीकिट का वितरण किया.

इस मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और एफपीओ द्वारा स्टाल लगाए गए थे, जिसमें 500 से अधिक किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

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