Hardoi News: हरदोई में मानसिक रोगियों और नशा पीड़ितों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, दी गई निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार गुरुवार
हरदोई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के तत्वावधान में जिला महिला अस्पताल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का विषय मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकार तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनसे बचाव पर केंद्रित रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/प्रभारी सचिव स्मिता गोस्वामी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर का संचालन तहसील विधिक सेवा समिति सदर हरदोई के सचिव/तहसीलदार सचिंद्र कुमार शुक्ला के निर्देशन में किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सुबोध सिंह ने की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सुबोध सिंह ने मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक एवं शारीरिक अक्षमताओं से प्रभावित व्यक्तियों को भी समाज में समान रूप से रहने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
शिविर में एचओडी मधुलिका शुक्ला ने मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा के साथ जीवन जीने, समुदाय में रहने, समान अवसर प्राप्त करने, उचित स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने तथा निःशुल्क विधिक सहायता पाने का अधिकार है। वहीं, लीगल एड क्लीनिक के श्यामू सिंह ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 एवं 39ए तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक रोग या बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त व्यक्ति भी समाज के पूर्ण सदस्य हैं और उन्हें अन्य नागरिकों की तरह समान मानवीय एवं कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।
पीएलवी कीर्ति कश्यप ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शराब, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों का अनुचित अथवा अत्यधिक सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन से बचाव और इसके प्रति सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया गया, ताकि पात्र व्यक्ति कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जिला महिला अस्पताल का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। शिविर के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांगजनों के अधिकारों, नशे के दुष्परिणामों और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
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