Hardoi News Today: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर विधिक जागरूकता शिविर, मानसिक रोगियों के कानूनी अधिकार व नशे से बचाव की दी जानकारी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक
Hardoi: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई, के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक व सिविल जज सीनियर डिवीजन /प्रभारी सचिव स्मिता गोस्वामी के निर्देशानुसार तहसील विधिक सेवा समिति सदर हरदोई सचिव/तहसीलदार सचिंद्र कुमार शुक्ला के निर्देशन में, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह तथा मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओ से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों व नशीले पदार्थाे दुरुपयोग व उनके बचाव विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला चिकित्सालय हरदोई में किया गया ।
जिसकी अध्यक्षता असिस्टेंट प्रोफेसर मानसिक रोग विभाग डॉ रीतु खरे के द्वारा की गई की गई उनके द्वारा मानसिक रोग एवं बौद्धिक क्षमता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए जिला चिकित्सालय में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई शिविर में लीगल एड क्लीनिक कीर्ति कश्यप के द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और बताया गया कि भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 सितंबर से 7 सितंबर तक मनाया जाता है।राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य लोगों को अच्छे स्वास्थ्य और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करना है। इस वार्षिक अभियान की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 1982 में की गई थी। जिसका उद्देश्यरू कुपोषण को दूर करना, सही खान-पान की आदतें और शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों (विटामिन, मिनरल, प्रोटीन) के बारे में लोगों को जागरूक करना है ,मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि मानसिक एवं शारीरिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्ति को भी समाज में समान रूप से रहने का अधिकार है और ऐसे व्यक्तियों से हमें कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए।
मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों को गरिमा के साथ जीने, समुदाय में रहने, बिना किसी भेदभाव के समान अवसर, मुफ़्त कानूनी सहायता और उचित स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने का अधिकार शामिल है। ये अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, और 39। के साथ-साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (त्च्ूक् ।बज, 2016) में भी निहित हैं। मानसिक रोग या बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्ति केवल विशिष्ट अक्षमताओं के कारण गैर-व्यक्ति नहीं बन जाते। वे भी समाज के पूर्ण सदस्य हैं और उन्हें वे सभी मानवीय अधिकार प्राप्त हैं और नशीली दवाओं का दुरुपयोग, मनोरंजक दवाओं, शराब और तंबाकू जैसे पदार्थों का अनुचित या अत्यधिक उपयोग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते है शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही निरूशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 के बारे में पंपलेट वितरित कर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और निःशुल्क विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में जानकारी प्रदान की गई । शिविर में डॉक्टर वृंदा पुरुषोत्तम, अंशु सूरी ,वरुण कुमार, प्रद्युम्न अस्पताल स्टाप व अधिक संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
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