Hazrat Nizamuddin Mysore Express: ट्रेन के एसी कोच में जलाया दीया और अगरबत्ती, भुसावल स्टेशन पर उतारा गया यात्री
Hazrat Nizamuddin-Mysore Express: एसी कोच में पूजा के लिए दीया जलाने पर ग्वालियर निवासी 55 वर्षीय यात्री को भुसावल में उतारा गया। रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज।
- Indian Railways News: हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस में पूजा के लिए दीया जलाने वाले यात्री पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज
- Railway News: चलती ट्रेन के AC कोच में दीया और अगरबत्ती जलाना पड़ा भारी, भुसावल स्टेशन पर RPF ने यात्री को ट्रेन से उतारा
- निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस के एसी कोच में दीया जलाने पर कार्रवाई, 55 वर्षीय यात्री भुसावल में ट्रेन से उतारा गया
हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12782) के एसी कोच में यात्रा के दौरान पूजा-पाठ के लिए दीया और अगरबत्ती जलाने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 31 अगस्त को घटी इस घटना के बाद 2 सितंबर 2026 तक रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 55 वर्षीय यात्री गरिबा के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। यात्री ने ट्रेन के ए-1 कोच की बर्थ नंबर 17 पर दीया जलाया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने आरोपी यात्री को महाराष्ट्र के भुसावल स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार लिया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। Central Railway ने इस घटना के बाद सभी रेल यात्रियों से ट्रेन के भीतर दीया, मोमबत्ती या अगरबत्ती न जलाने की सख्त अपील की है।
यह मामला 31 अगस्त की रात का है जब हजरत निजामुद्दीन से मैसूर जा रही ट्रेन संख्या 12782 के थर्ड एसी कोच (A-1) में सफर कर रहे 55 वर्षीय यात्री गरिबा ने अपनी तय बर्थ पर बैठकर दीया और अगरबत्ती जला ली। डिब्बे में मौजूद अन्य यात्रियों ने जब ज्वलनशील सामग्री से आग लगने का खतरा महसूस किया, तो इसकी जानकारी ट्रेन में तैनात टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट परीक्षक) और रेलवे प्रशासन को दी गई।
ट्रेन के एसी कोच पूरी तरह से एयर-सील्ड और बंद वातावरण वाले होते हैं, जहां किसी भी प्रकार का खुला धुआं या आग पूरे कोच में आग लगने का कारण बन सकता है। सूचना मिलते ही टीटीई तुरंत कोच A-1 की बर्थ संख्या 17 पर पहुंचा और यात्री को दीया तुरंत बुझाने का निर्देश दिया।
टीटीई जब मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि यात्री अपनी बर्थ पर पीतल का दीया और अगरबत्ती जलाकर बैठा हुआ था। रेल कर्मी ने यात्री को समझाया कि डिब्बे के अंदर किसी भी तरह की आग जलाना अत्यंत खतरनाक है और इससे पूरी ट्रेन, रेल संपत्ति और उसमें सवार सैंकड़ों यात्रियों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, चेतावनी दिए जाने के बावजूद यात्री ने पहले अपनी पूजा संपन्न करने और उसके बाद ही दीया बुझाने की बात कही। टीटीई ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होते देख पूरे घटनाक्रम का अपने मोबाइल कैमरे से वीडियो भी बना लिया।
इसके बाद टीटीई ने कंट्रोल रूम और RPF को स्थिति की जानकारी दी। जैसे ही ट्रेन महाराष्ट्र के भुसावल रेलवे स्टेशन पहुंची, RPF और रेलवे अधिकारियों की टीम डिब्बे में दाखिल हुई। पुलिस ने यात्री के पास से एक पीतल का दीया, माचिस और स्टील का एक डिब्बा जब्त कर लिया। इसके बाद यात्री को भुसावल स्टेशन पर ही ट्रेन से उतार लिया गया और हिरासत में लेकर रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
मध्य रेल (Central Railway) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रेलवे परिसर या चलती ट्रेन में ज्वलनशील पदार्थ ले जाना और आग जलाना कानूनन अपराध है। रेलवे अधिकारी ने कहा कि टीटीई की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील जारी करते हुए कहा है कि ट्रेनों में सफर के दौरान कपूर, दीया, मोमबत्ती, अगरबत्ती या पटाखा जैसे ज्वलनशील सामान ले जाना या जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आग से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी सैकड़ों जिंदगियों के लिए घातक साबित हो सकती है, इसलिए यात्री खुद भी सतर्क रहें और ऐसा करने वालों की सूचना तुरंत 139 पर दें।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर भारतीय रेल में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की महत्ता को रेखांकित किया है। एसी कोच में कपड़े, गद्दे, पर्दे और फोम की सीटें होने के कारण आग लगने का खतरा काफी अधिक रहता है।
रेलवे द्वारा भुसावल में की गई इस त्वरित कार्रवाई से अन्य रेल यात्रियों में सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। साथ ही, यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों को ट्रेन के भीतर ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करने के लिए जागरूक कर रहा है।
हिरासत में लिए गए यात्री गरिबा के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 154 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) और धारा 164 (खतरनाक या ज्वलनशील सामान ले जाना) के तहत भुसावल में कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब सभी प्रमुख स्टेशनों और लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी व स्लीपर कोचों में जांच अभियान और सतर्कता बढ़ाने की योजना बना रहा है। रेलवे ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी यात्री के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और भविष्य में भी सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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