IMD Weather Alert: देश के कई राज्यों में 24 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट, तेज आंधी और आकाशीय बिजली की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने 24 अक्टूबर तक दक्षिण और तटीय राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन राज्यों में रहेगा असर।
देश के मौसमी मिजाज में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा दैनिक मौसम बुलेटिन में संकेत दिया है कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और तटीय इलाकों में 24 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंके वाली तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका व्यक्त की गई है। पूर्वोत्तर मानसून प्रणाली के सक्रिय होने के कारण दक्षिणी राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जहां दक्षिण के राज्यों में बादलों का डेरा बना हुआ है, वहीं उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आंशिक गिरावट देखी जा सकती है, लेकिन इन राज्यों में किसी बड़े मौसमी विक्षोभ की संभावना नहीं है।
दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 अक्टूबर से लेकर 24 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के क्षेत्रों में भी आगामी दिनों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के कुछ जिलों में सतह पर तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक के तटीय जिलों तथा लक्षद्वीप द्वीप समूह में भी मौसमी दबाव के चलते बारिश का दायरा विस्तृत रहने का पूर्वानुमान है।
तेज हवाएं और आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी
मौसम विभाग के बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि बारिश के साथ चलने वाली 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे ढांचों, बागवानी और कमजोर पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
अरब सागर और उससे सटे तटीय इलाकों में मौसमी परिस्थितियां अशांत रहने के कारण मछुआरों को समुद्र में उतरते समय निर्धारित सुरक्षा परामर्शों का पालन करने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में अल्पकालिक जलभराव और यातायात में बाधा की आशंका को देखते हुए स्थानीय नागरिक प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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