Karnataka FDA Action on KFC: बासी और बदबूदार चिकन मिलने की शिकायत पर मंगलुरु में KFC आउटलेट का गोदाम सील, सैंपल लैब भेजे गए 

कर्नाटक के मंगलुरु में ऑनलाइन फूड ऑर्डर में बासी व बदबूदार चिकन मिलने की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने KFC आउटलेट का गोदाम सील कर सैंपल लैब भेजे हैं।

Aug 16, 2026 - 17:12
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Karnataka FDA Action on KFC: बासी और बदबूदार चिकन मिलने की शिकायत पर मंगलुरु में KFC आउटलेट का गोदाम सील, सैंपल लैब भेजे गए 
  • KFC Mangaluru Outlet Sealed: ऑनलाइन फूड ऑर्डर में सड़ा हुआ चिकन मिलने पर फूड सेफ्टी विभाग का बड़ा एक्शन, जांच के आदेश 
  • KFC में मिला बासी और बदबूदार चिकन: कस्टमर की शिकायत के बाद कर्नाटक फूड सेफ्टी विभाग का छापा, आउटलेट का गोदाम किया सील 
  • Food Safety Alert: मंगलुरु के सिटी सेंटर मॉल स्थित KFC आउटलेट पर छापा, सड़े चिकन की शिकायत पर गोदाम सील

कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय फास्ट फूड चेन केएफसी (KFC) के एक आउटलेट के खिलाफ राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। केएस राव रोड स्थित 'सिटी सेंटर मॉल' के केएफसी आउटलेट से ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए मंगाए गए फ्राइड चिकन में अत्यधिक दुर्गंध और बासीपन होने की एक ग्राहक द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने आउटलेट पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान किचन, स्टोरेज रूम और कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने के बाद विभाग ने आउटलेट के गोदाम (गोडाउन) को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। टीम ने मौके से खाद्य उत्पादों और कुकिंग ऑयल के नमूने एकत्रित कर फॉरेंसिक व रासायनिक जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

  • ऑनलाइन ऑर्डर में मिला सड़ा चिकन, विभाग का औचक छापा

मंगलुरु स्थित सिटी सेंटर मॉल के केएफसी आउटलेट से जुड़े इस मामले में ग्राहक ने डिलीवरी मिलने पर पाया कि चिकन का रंग असामान्य रूप से काला पड़ चुका था और उसमें से असहनीय दुर्गंध आ रही थी। ग्राहक ने इस संबंध में तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के समक्ष साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं मानक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में एक दल ने संबंधित केएफसी आउटलेट पर औचक छापेमारी की। अधिकारियों ने रेस्टोरेंट के किचन, डीप फ्रीजर, कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स और कच्चे माल के भंडारण क्षेत्रों की गहन पड़ताल की। प्राथमिक जांच में स्वच्छता मानकों और स्टोरेज अवधि से जुड़ी गंभीर विसंगतियां सामने आने के बाद आउटलेट के मुख्य गोदाम को विधिक रूप से सील कर दिया गया।

  • पुराने स्टॉक और कुकिंग ऑयल की भी जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कोल्ड स्टोरेज में रखे गए फ्रोजन चिकन के कुछ पैकेट्स पर कई महीने पुरानी पैकेजिंग तिथियां दर्ज थीं। इतनी लंबी अवधि तक फ्रोजन मीट के भंडारण और उपयोग को लेकर अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई।

इसके साथ ही, चिकन को तलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कुकिंग ऑयल की गुणवत्ता की भी जांच की गई। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। जांच दल ने इस्तेमाल किए जा रहे तेल और तैयार चिकन के विभिन्न नमूनों को सीलबंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए प्रेषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही रेस्टोरेंट के खिलाफ आगे की कठोर दंडात्मक धाराओं में कार्रवाई तय की जाएगी। 

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई स्थानीय भोजनालय हो या कोई अंतरराष्ट्रीय बहुराष्ट्रीय ब्रांड। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना हर खाद्य कारोबारी की प्राथमिक कानूनी जिम्मेदारी है।

दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पूरे कर्नाटक में चलाए जा रहे इस विशेष जांच अभियान के तहत मैसूरु और बेंगलुरु के कई नामी होटलों और क्विक-कॉमर्स वेयरहाउसों पर भी छापे मारे गए हैं। मैसूरु में कई प्रीमियम होटलों से एक्सपायर्ड मीट और फंगस लगी सामग्री जब्त की गई है, जिससे पूरे राज्य के रेस्टोरेंट उद्योग में हड़कंप मच गया है।

  • फास्ट फूड क्वालिटी और कंज्यूमर सेफ्टी पर बहस

इस घटना ने एक बार फिर बड़े फूड चेन्स द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण और कोल्ड-चेन मेंटेनेंस के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता अक्सर यह मानकर प्रीमियम मूल्य चुकाते हैं कि ब्रांडेड आउटलेट्स पर स्वच्छता और ताजगी के कड़े वैश्विक मानकों का पालन किया जाता है।

सड़े और दुर्गंधयुक्त चिकन की इस घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते समय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा, ई-कॉमर्स और डिलीवरी एग्रीगेटर्स की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड वेंडर्स के किचन हाइजीन ऑडिट की नियमित समीक्षा करें।

  • लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कानूनी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, लैब से रासायनिक और माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट आने में कुछ दिनों का समय लगेगा। यदि लैब रिपोर्ट में मांस में बैक्टीरिया, फंगस या हानिकारक रसायनों की पुष्टि होती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (FSS Act) के कड़े प्रावधानों के तहत आउटलेट का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है और प्रबंधन के खिलाफ अदालत में आपराधिक वाद दायर किया जाएगा।

विभाग ने राज्य भर के सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मॉल, मल्टीप्लेक्स, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हो रहे फास्ट फूड आउटलेट्स का औचक निरीक्षण जारी रखें ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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