Lucknow : नवंबर 2025-26 तक प्रदेश के निर्यात ने पार किया रू.1.31 लाख करोड़ का आंकड़ा, पिछले वर्ष की समान अवधि से 11.08% की उल्लेखनीय वृद्धि

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनाई गई दूरदर्शी नीतियों, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के अनुकूल माहौल और निर्यातकों को दी जा रही सुविधाओं ने प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है।

By INA News Desk
Mar 31, 2026 - 21:39
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Lucknow : नवंबर 2025-26 तक प्रदेश के निर्यात ने पार किया रू.1.31 लाख करोड़ का आंकड़ा, पिछले वर्ष की समान अवधि से 11.08% की उल्लेखनीय वृद्धि
Lucknow : नवंबर 2025-26 तक प्रदेश के निर्यात ने पार किया रू.1.31 लाख करोड़ का आंकड़ा, पिछले वर्ष की समान अवधि से 11.08% की उल्लेखनीय वृद्धि

  • 2016-17 के रू.86 हजार करोड़ से बढ़कर 2024-25 में रू.1.86 लाख करोड़ तक पहुंचा निर्यात, इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनने के संकेत
  • आईटी/आईटीईएस सेक्टर में उछाल, जीआई उत्पादों और एक्सपो मार्ट के जरिए ‘लोकल टू ग्लोबल’ को मिली नई पहचान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निर्यात के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार की उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन नीतियों के चलते प्रदेश का निर्यात न केवल दोगुना हुआ है, बल्कि वैश्विक बाजार में ‘मेड इन यूपी’ की मजबूत पहचान भी बनी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से नवंबर तक प्रदेश का कुल निर्यात रू.1,31,328 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में रू.1,18,223.91 करोड़ की तुलना में 11.08 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश का निर्यात रू.86 हजार करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर रू.1.86 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए 2025-26 में इस रिकॉर्ड को भी पार करने की संभावना जताई गई है।

योगी सरकार की नीतियों से निर्यात क्षेत्र में यूपी की मजबूत पकड़
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनाई गई दूरदर्शी नीतियों, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के अनुकूल माहौल और निर्यातकों को दी जा रही सुविधाओं ने प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। आज उत्तर प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी निर्यातक राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को साकार करते हुए प्रदेश के उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में यह रफ्तार और तेज होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश न केवल निर्यात के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सशक्त आधार प्रदान करेगा।

आईटी/आईटीईएस निर्यात रू.82 हजार करोड़ के पार
आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी योगी सरकार की नीतियों का स्पष्ट असर देखने को मिला है। वर्ष 2015 में जहां सूचना प्रौद्योगिकी/आईटीईएस निर्यात रू.15 हजार करोड़ था, वह 2024-25 में बढ़कर रू.82 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। यह सेवा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार और निवेश अनुकूल माहौल का परिणाम है। प्रदेश सरकार ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के 77 उत्पादों को जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) पंजीकरण प्राप्त हो चुका है, जबकि 152 अन्य उत्पाद इस दिशा में अग्रसर हैं। इससे पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान और मूल्य दोनों मिल रहे हैं।

बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
निर्यात को नई गति देने के लिए बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में स्थापित अत्याधुनिक एक्सपो मार्ट न केवल प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख ट्रेड हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। इसी क्रम में भदोही में विकसित ‘भदोही कार्पेट बाजार (एक्सपो मार्ट)’ पारंपरिक कालीन उद्योग को नई ऊर्जा दे रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक मंच प्रदान कर रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त भी दिला रही है।

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