Lucknow: लखनऊ की ऐतिहासिक रेजीडेंसी बनेगी सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र- जयवीर सिंह

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लखनऊ रेजीडेंसी परिसर में भव्य लाइट एंड

Oct 22, 2025 - 22:33
31 Views
Lucknow: लखनऊ की ऐतिहासिक रेजीडेंसी बनेगी सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र- जयवीर सिंह
लखनऊ की ऐतिहासिक रेजीडेंसी बनेगी सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र- जयवीर सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लखनऊ रेजीडेंसी परिसर में भव्य लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया गया है। यह आकर्षक प्रस्तुति दर्शकों के समक्ष लखनऊ की समृद्ध धरोहर, पारंपरिक खानपान, स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, वीर क्रांतिकारियों के अदम्य साहस तथा शहर से जुड़े विविध ऐतिहासिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। 

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से दर्शक न केवल रेजीडेंसी के इतिहास से परिचित होंगे, बल्कि वे उस दौर की संघर्ष गाथा और साहसिक घटनाओं को भी अनुभव कर सकेंगे, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। यह शो प्रत्येक शाम 06 बजे से आयोजित किया जा रहा है। प्रारंभिक कुछ दिनों तक पर्यटक इसका निःशुल्क आनंद ले सकेंगे। इसके उपरांत आंशिक शुल्क रखा जाएगा, ताकि रेजीडेंसी घूमने आने वाले अधिक से अधिक लोग इस शो का हिस्सा बन सकें।

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग का उद्देश्य रेजीडेंसी में आयोजित इस शो के माध्यम से हर आयु वर्ग के लोगों को इतिहास से जोड़ना है। आगंतुक अपने परिवार के साथ इस शो का आनंद ले सकते हैं। यह कार्यक्रम विशेष रूप से बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहेगा। रेजीडेंसी की ऐतिहासिक इमारतें आज भी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाही देती हैं। इसकी दीवारों पर आज भी गोलियों और तोप के गोले के निशान उस बलिदान और वीरता की कहानी सुनाते हैं, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की नींव रखी थी।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस अभिनव पहल के माध्यम से न केवल लखनऊ की ऐतिहासिक रेज़ीडेंसी को पुनर्जीवित किया है, बल्कि राज्य में सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को भी एक नई ऊर्जा और दिशा दी है। यह लाइट एंड साउंड शो विभाग के उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिसमें इतिहास के संरक्षण और पर्यटन संवर्धन को समान महत्व देते हुए दोनों को एक सूत्र में पिरोया गया है। यह प्रयास अतीत की यादों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए देशभक्ति, गौरव और सांस्कृतिक चेतना का अनुभव कराता है।

Also Read- दीपोत्सव 2025: कहि न जाइ कछु नगर बिभूती...गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नौवीं बार रामनगरी में सरयू तट पर जले आस्था और आत्मीयता के दीप।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow