नई दिल्ली। म्लेच्छों से वापस लेंगे नाथ संप्रदाय के संस्थापक और गोरखनाथ के गुरु मछेंद्रनाथ की समाधि- रीना एन सिंह
मछेंद्रनाथ जी महराज नाथ संप्रदाय के संस्थापक हैं और गोरखनाथ उनके सबसे प्रिय शिष्य थे। गोरखनाथ मठ गोरखपुर में स्थित है और यह नाथ संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण
नई दिल्ली। मछेंद्रनाथ जी महराज नाथ संप्रदाय के संस्थापक हैं और गोरखनाथ उनके सबसे प्रिय शिष्य थे। गोरखनाथ मठ गोरखपुर में स्थित है और यह नाथ संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। वर्तमान में इसके पीठाधीश्वर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज हैं। अत्यंत दुर्भाग्य का विषय है कि मछेंद्रनाथ की समाधि महाराष्ट्र में है और उसके ऊपर हाजी मलंग की मजार स्थापित है। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह जी इसी समाधि को म्लेच्छों से मुक्ति दिलाने की बात कर रही हैं।
मुसलमानो का कहना है कि यह स्थान मराठा पेशवा शासको ने मुसलमानो को दी थी दूसरी तरफ नाथ संप्रदाय के लोगों का कहना है कि यह उनके संप्रदाय के संस्थापक की समाधि है, पवित्र भूमि है यह उन्हें मिलनी चाहिए इसी को लेकर विवाद है। मुंबई से चालीस किलोमीटर के फासले पर कल्याण में यह तीर्थस्थली है।सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट एवं यूके की सालीसीटर रीना एन सिंह श्री कृष्ण जन्म भूमि मथुरा विवाद का मामला हो या फिर वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद विवाद हो,वक्फ संशोधन के समर्थन में याचिका हो या फिर इसी तरह के दर्जन भर मामले हों सुप्रीम कोर्ट से लेकर पूरे देश भर में हिंदुओं का पक्ष रखती हुई देखी जाती है। रीना एन सिंह ने ही सबसे पहले खुल करके देश को ये बताया कि गहरवार वंश के महाराज जयचंद गद्दार नहीं थे जबकि उन्होंने सैकड़ो मंदिरों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया था ,जयचंद को गद्दार कहने वाले लोगों के खिलाफ रीना एन सिंह ने कानूनी कार्रवाई भी की।
रीना एन सिंह द्वारा ही भगवान श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा मामले में बहस के दौरान स्पष्ट रूप से न्यायालय में न्यायाधीश मयंक जैन के सामने स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख किया गया कि क्षत्रिय राजा विक्रमादित्य ने मथुरा स्थित भगवान से कृष्ण जन्म भूमि मंदिर का निर्माण करवाया था।
सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के बावजूद पूरे देश भर में 2200 से अधिक सेना के जवानों की निशुल्क कानूनी सहायता रीना एन सिंह के कार्यालय के द्वारा की गई है, इसके लिए कई बार उनको सेना के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। कोरोना की भयंकर विभीषिका के दौरान रीना एन सिंह के कार्यालय के द्वारा सैकड़ो लोगों की आर्थिक मदद की गई। एक महीने पहले ही देश के सबसे चर्चित ज्वलंत और संवेदनशील मुद्दे पर आपके द्वारा एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की गई जिसमें स्पष्ट रूप से आरक्षण को एक आर्थिक आधार देने की वकालत की गई है बहस के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रीना एन सिंह के प्रयासों की सराहना की और कहा कि आप इस परिवर्तन के लिए और उसके विरोध के लिए तैयार रहियेगा।
निर्दोषों को न्याय दिलाने वाली और लोगों को आत्म सम्मान के साथ जीवन जीने का ज्ञान देने वाली रीना एन सिंह दर्जन भर से अधिक संस्थाओं की ट्रस्टी और पदाधिकारी हैं घाटी से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कानूनी सहायता से लेकर के सामाजिक रूप से रीना एन सिंह उनके साथ खड़ी रही। हरियाणा के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार की बेटी और बिहार के कछवाहा परिवार की बहू श्रीमती रीना एन सिंह ने बिहार में भगवान श्री राम के पुत्र कुश के वंशजो कक्षवाहा राजपूतों की कुलदेवी जमवाय माता के भव्य मंदिर का निर्माण करवाया है यह दिखाता है कि वह अत्यंत धार्मिक प्रवृत्ति की है। व्यक्तिगत रूप से सरल और सुलझी हुई शख्सियत रीना एन सिंह अपने कर्तव्य की प्रति उतनी ही दृढ़ भी है वह जो ठान लेती है वह करके ही चुप बैठी है।
रीना एन सिंह कई सामाजिक संगठनों संस्थाओं की पदाधिकारी है।कई गौशालाओं का संचालन करने वाली रीना एन सिंह के कार्यालय के द्वारा गाय को राष्ट्र जननी घोषित करने का एक कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है।
राष्ट्रवादी विचारधारा से लबरेज रीना एन सिंह के लेख हिंदी व अंग्रेजी के तमाम सारे समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं।
रीना एन सिंह इस देश की पहली महिला है जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक पुस्तक लिखी है उस पुस्तक में देश के कई कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, भाजपा के कई प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यपालों की शुभकामनाएं योगी आदित्यनाथ के लिए है यह अपने आप में बड़ी बात है। रीना एन सिंह का नाथ संप्रदाय, गोरखनाथ मठ, गोरखनाथ मठ की सामाजिक समरसता और गोरखनाथ मठ का राम मंदिर में योगदान पर व्यापक शोध है। रीना सिंह के लिखे लेख व पुस्तक पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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