Lucknow : ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार

उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा

By INA News Desk
Feb 12, 2026 - 22:49
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Lucknow : ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार
Lucknow : ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार

  • ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा
  • सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई
  • कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है।

परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई। 

दोगुना से अधिक हुआ निर्यात
उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है।

200 करोड़ के बजट का प्रावधान
वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है।

कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा
उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

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