Lucknow : अमोनिया आपूर्ति से आलू भंडारण संकट का हुआ समाधान- दिनेश प्रताप सिंह

मंत्री सिंह ने अवगत कराया कि इस वर्ष उ0प्र0 में आलू की फसल विगत वर्षों की तुलना में काफी अच्छी हुई है। राज्य सरकार ने फसल तैयार होने से पूर्व आलू के विपणन और भण्डारण की तैयारी पूर्ण कर ली थी। कतिपय कारणों से

Mar 21, 2026 - 00:10
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Lucknow : अमोनिया आपूर्ति से आलू भंडारण संकट का हुआ समाधान- दिनेश प्रताप सिंह
Lucknow : अमोनिया आपूर्ति से आलू भंडारण संकट का हुआ समाधान- दिनेश प्रताप सिंह

उद्यान मंत्री ने की प्रेस वार्ता, कहा मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व केंद्र के सहयोग से टला बड़ा कृषि संकट

लखनऊ : प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को आलू किसानों व शीतगृह संचालकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा लिये गये संवेदनशील निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करने हेतु अपने मंत्री आवास पर प्रेसवार्ता की तथा राज्य सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शीतगृह संचालकों के समक्ष उत्पन्न हुए अमोनिया गैस आपूर्ति के संकट को केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मात्र 02 दिन के भीतर हल कर लिया गया है।

मंत्री सिंह ने अवगत कराया कि इस वर्ष उ0प्र0 में आलू की फसल विगत वर्षों की तुलना में काफी अच्छी हुई है। राज्य सरकार ने फसल तैयार होने से पूर्व आलू के विपणन और भण्डारण की तैयारी पूर्ण कर ली थी। कतिपय कारणों से शीतगृहों में उर्वरक कम्पनियों द्वारा अमोनिया गैस की आपूर्ति रोक दी गयी थी, जिससे प्रदेश के 2357 शीतगृहों में भंडारित लगभग 150 लाख मीट्रिक टन आलू के खराब होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इस संकट के समय पर समाधान न होने से करोड़ों किसानों और हजारों संचालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती। चंूकि आलू शीघ्र खराब होने वाली उपज है, यदि 02-04 दिन भी कूलिंग प्रभावित हो जाए तो आलू सड़ने लगता है। ऐसी परिस्थिति में इस संकट के हल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस दिशा में तत्काल पहल की गई और भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क स्थापित किया गया। केंद्रीय मंत्रियों के त्वरित निर्देशों के बाद 02 दिन के भीतर गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे अब भंडारित आलू पूरी तरह सुरक्षित है।

उद्यान मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही यह संकट समय रहते टल सका है। उन्होंने आलू किसानों के हित में किए जा रहे अन्य प्रयासों की चर्चा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के अधिशेष आलू के बेहतर विपणन हेतु अन्य राज्यों से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

दिनेश प्रताप सिंह ने संकट के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शीतगृह संचालकों एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार अन्नदाताओं के हितों की रक्षा हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए एक स्थायी व ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर प्रेसवार्ता में अपर मुख्य सचिव बी0एल0 मीणा, उद्यान निदेशक वीपी राम, संयुक्त निदेशक राजीव सिंह सहित शीतगृह संचालक संघ एवं आलू उत्पादक किसान संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और संघ एवं संगठन के प्रतिनिधियों ने अपने विचार भी व्यक्त किये।

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