Lucknow : यूपी एटीएस ने पाकिस्तान से संचालित गिरोह का किया भंडाफोड़, बड़ी आतंकी साजिश नाकाम 

इस गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद निवासी ग्राम अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़, मेरठ बताया गया है। उसके साथ मेरठ निवासी अरबाब (20), राम विहार, गौतम बुद्ध नगर निवासी विकास पहलावत उर्फ रौनक (27) त

By INA News Desk
Apr 3, 2026 - 21:50
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Lucknow : यूपी एटीएस ने पाकिस्तान से संचालित गिरोह का किया भंडाफोड़, बड़ी आतंकी साजिश नाकाम 
Lucknow : यूपी एटीएस ने पाकिस्तान से संचालित गिरोह का किया भंडाफोड़, बड़ी आतंकी साजिश नाकाम 

  • लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की थी साजिश, एटीएस ने दबोचे चार आरोपी
  • सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था गिरोह, देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की रेकी कर भेजते थे जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए पाकिस्तान से संचालित एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया के विभिन्न हैंडल्स के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। एटीएस ने समय रहते कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश को विफल करने में सफलता प्राप्त की है।

एटीएस को प्राप्त खुफिया जानकारी के अनुसार, एक गिरोह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और उनके निर्देश पर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। गिरोह का मुख्य काम देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की रेकी कर संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान भेजना और योजनाबद्ध तरीके से सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना था। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स, कई कट्टरपंथी समूहों और अफगानिस्तान के कुछ नंबरों से भी जुड़े हुए थे।

इस गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद निवासी ग्राम अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़, मेरठ बताया गया है। उसके साथ मेरठ निवासी अरबाब (20), राम विहार, गौतम बुद्ध नगर निवासी विकास पहलावत उर्फ रौनक (27) तथा लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) भी इस साजिश में शामिल थे। ये सभी आरोपी पैसों के लालच में देश के विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करते थे और उनकी जानकारी तथा वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजते थे। पाकिस्तानी हैंडलर इन्हें टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के माध्यम से “ओसामा बिन लादेन”, “फरुतुल्ला गोरी”,  “कश्मीर मुजाहिद्दीन”, “गजवा-ए-हिंद” तथा धर्म के आधार पर वाहन जलाने के लिए उकसाते थे और षडयंत्र रचते थे।
एटीएस के अनुसार, गिरोह के सदस्य रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर आगजनी और विस्फोट की साजिश रच रहे थे। इनका मकसद देश में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना तथा आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। आरोपियों ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में कई स्थानों पर रेकी भी की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों द्वारा कुछ स्थानों पर आगजनी की छोटी घटनाएं भी अंजाम दी गई थीं, जिनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे जाते थे। इसके बदले में उन्हें क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान किया जाता था। पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा उन्हें गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय किए जाते थे और धार्मिक उन्माद फैलाकर उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाया जाता था।

2 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। लेकिन एटीएस टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इस संबंध में एटीएस थाना, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एटीएस की इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है, जिससे प्रदेश में संभावित बड़े नुकसान को टालने में सफलता हासिल की गई और देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ है।

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